देहरादूननगर संवाददाता()। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा महिला मोर्चा को आड़े हाथों लिया। दसौनी ने कहा की इसे उत्तराखंड का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि इतने सारे जनमुद्दे होने के बावजूद आज प्रदेश में भाजपा की कुत्सित मानसिकता वाले आईटी सेल के द्वारा तोड़ मरोड़ कर और एडिटिंग करके बनाई गई कांग्रेसी नेताओं के वीडियो को चर्चा का हिस्सा बनाया जा रहा है और जोर शोर से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बहाने भाजपा नेत्रियों का अब जमीर जागा है।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस के नेताओं का पुतला फूंके जाने पर कहा कि पिछले 1० महीने से अंकिता को न्याय दिलाने के लिए भाजपा की कितनी महिलाएं सड़कों पर उतरी है और दसौनी ने कहा की अच्छी बात है की इन महिलाओं की मृत आत्मा जागी तो सही। दसौनी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह महिलाएं तब कहां थी जब भाजपा विधायक प्रणब सिंह ने उत्तराखंड को अपने प्राइवेट पार्ट में रखने की बात कही थी तब इन महिलाओं का आक्रोश कहां गया था जब इनके संगठन महामंत्री ने तीन साल तक इनकी ही सहयोगी रही महिला कार्यकर्ता का यौन उत्पीडऩ किया था। उन्होंने कहा कि जब महेश नेगी ने द्वाराहाट की ही एक महिला को बिना शादी किए बच्ची की मां बना दिया था।
इस अवसर पर दसौनी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा का गुस्सा ना हाथरस कांड पर फूटा न लखीमपुर खीरी न उन्नाव और ना ही ब्रिज भूषण शरण सिंह के कुकत्यों पर ,बिलकिस बानो के अपराधी रिहा हो गए ,किरण नेगी के बलात्कारी और हत्यारे बाइज्जत बरी हो गए ,राम रहीम बाहर आ गया, एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने जिसकी वजह से आत्महत्या वह भाजपा के सहयोगी दल का विधायक गोपाल कांडा भी रिहा हो गया लेकिन भाजपा महिला मोर्चा का जमीर नहीं जागा। दसौनी ने कहा की जनता भारतीय जनता पार्टी की पिक एंड चूज की राजनीति देख रही है।
इस अवसर पर दसौनी ने कहा की विडंबना तो यह है कि ना अब उत्तराखंड में किसी को कोई भ्रष्टाचार नजर आ रहा है ना घोटाला न लाचर कानून व्यवस्था न पटरी से उतरी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था ,न बंद होते सरकारी स्कूल न सड़कों की जर्जर अवस्था है। इस अवसर पर दसौेनी ने भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों से कहा कि यदि पुतला फंूकना है तो विनोद आर्या और पुलकित आर्य का फूंके, संजय कुमार, महेश नेगी और सुरेश राठौर का, प्रणव सिंह और तीरथ रावत का पुतला फूंकें जिन्होंने हर पटल पर उत्तराखंड को शर्मसार किया है।
इस अवसर पर दसौनी ने कहा कि इन भाजपाइयों की आस्था को तब चोट नहीं पहुंची जब केदारनाथ का 23० किलो सोना पीतल हो गया, भाजपाइयों का आक्रोश तब कहां गायब था जब अग्निवीर योजना के चलते उत्तराखंड के युवाओं के सपने चकना चूर हो गए, ना इन्हे बाढ़ ग्रस्त इलाके दिखाई दे रहे ना किसानों की फसलें चौपट होती ।
दसौनी ने कहा की क्योंकि कांग्रेस आज उत्तराखंड में एक सशक्त विपक्ष के रूप में उभर रही है। अग्निवीर योजना भर्ती घोटाले कोरोना टेस्ट घोटाला केदारनाथ का सोना पीतल ,अंकिता भंडारी हत्याकांड इत्यादि से भारतीय जनता पार्टी को अपनी सियासी जमीन खिसकती नजर आ रही है इसीलिए वह कांग्रेस नेताओं के लिए ऐसा दुष्प्रचार कर षड्यंत्र रच रही है और उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है । दसौनी ने कहा कि आज कांग्रेस के जिन नेताओं के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है उन नेताओं ने बेटी के अपराधियों के सबूत और साक्ष्य नष्ट करने वालों पर बेटी को किसी वीआईपी को परोसने पर रिजॉर्ट में आग लगाने वालों पर उनकी दोहरी मानसिकता और उत्तराखंड पर थूकने की बात कही थी जिसे गलत तरीके से प्रचारित प्रसारित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दसौनी ने कहा कि कांग्रेस पहले दिन से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर बहुत संवेदनशील और गंभीर है। इस अवसर पर दसौनी ने कहा कि उनके दोनों नेताओं की भावनाएं अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की थी जिसने विलंब के कारण वह बोलते बोलते घायल हो गए। दसौनी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड की साक्षर और प्रबुद्ध जनता सही और गलत में अंतर कर पाएगी और भाजपा के कुत्सित प्रयासों में उसे सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि क्योंकि भाजपा का एजेंडा और इतिहास ही लोगों की छवि धूमिल करने का और उनके चरित्र पर आरोप लगाने का रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेसी नेता राजेन्द्र शाह पर भी तीखा हमला बोला है।
