करन माहरा ने अपने बयान पर जनता से मांगी माफ ी

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने बीते दिनों कोटद्वार में स्वाभिमान न्याय यात्रा के समापन पर दिये गये भाषण को भाजपा के आईटी सेल ने तोड़मरोड़ कर पेश किया है और इसके बावजूद भी जिस किसी को यदि मेरे बयान से जिनका मन भी दुखा है वह इसके लिए जनता से माफी मांगते है और उन्होंने यह भी कहा कि मेरी वजह से अंकिता भंडारी की लड़ाई कमजोर हुई है तो वह मौन व्रत पर प्रायश्चित करने के लिए बैठेंगें और अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित उत्तरकाशी जिले में चार अनुसूचित जाति की बेटियों के साथ हुए दुष्कर्म की घटना पर न्याय की मांग करेंगें।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि उनके बयान पर आज भाजपा लगातार राजनीति कर रही है और उन्होंने कहा कि न्याय की भीख मांग रहे है और जनता से इस मामले में आगे आने के लिए कह रहे है और उनके बयान को भाजपा के आईटी ने तोड मरोड़ कर पेश किया है और यदि मेरे बयान से जिनका मन भी दुखा है वह इसके लिए जनता से माफी मांगते है और वह एक दिन के मौन व्रत पर भी प्रायश्चित के लिए बैठेंगें। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने साफ शब्दों में कहा है कि मेरी वजह से अंकिता भंडारी हत्याकांड की लड़ाई डायवर्ट हुई है ऐसे में वह माफी मांगते है क्योंकि मेरी वजह से आज भाजपा के नेताओं को बाहर निकलने का मौका मिला है। इस अवसर पर वहीं दूसरी ओर करन माहरा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के अलावा भी जनपद उत्तरकाशी में अनुसूचित जाति की बेटियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाये हुई है लेकिन इन मामलों में भाजपा के नेताओं के पास बोलने का समय नहीं हैं और आज उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के बाद भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष आशा नौटियाल एवं उनके पदाधिकारी जो बिलों में घुसे हुए थे या अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मौन थे और वह आज उनका पुतला फूंकने के लिए बिलों से बाहर निकल रहे है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राज में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार पर महिलाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। माहरा ने कहा कि भाजपा राज में उत्तराखंड में लगातार महिलाओं के साथ अन्याय और अत्याचार की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई हैं। माहरा ने सिलसिलेवार प्रकरण बताते हुए कहा कि जनपद उत्तरकाशी के पुरोला, धरासू, चिन्यालीसौड़ और डुण्डा में अनुसूचित जाति की लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुई और धामी सरकार ने न सिर्फ उन घटनाओं पर पर्दा डाला और बच्चियों को जो राहत राशि देनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं दी गयी है। इस अवसर पर माहरा ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत रेप पर सात लाख और गैंगरेप पर 1० लाख त्वरित राहत राशि के रूप में देने का प्रावधान है वहीं एससी,एसटी एक्ट के तहत यह राशि दोगुनी हो जाती है जब महिला पिछडें वर्ग यानी अनु०जाति, जनजाति की हो, परन्तु यह सभी घटनाएं 2०21-22 की होने के बावजूद आज तक पीडि़ताओं को कुछ भी राहत नहीं पहुँचाई गयी है। उन्होंने कहा कि जिससे कि यह साफ हो जाएगा कि भाजपा राज में बहू बेटियां कितने सुरक्षित हाथों में हैं। माहरा ने यह भी कहा कि वह एक दिन सुनिश्चित कर मौन व्रत प्रायश्चित के रूप में रखेगें क्योंकि पहाड़ की बेटी अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड को दस महीने से अधिक हो गया है और न्याय मिलने में विलम्ब हो रहा है। माहरा ने कहा कि हम उत्तराखण्ड वासी डबल इंजन सरकार और प्रचण्ड बहुमत की सरकार के सामने इस लडाई में कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
इस अवसर पर माहरा ने कहा कि भाजपा तो यही चाहती है कि जनता का ध्यान बेटियों के मुददे से भटका रहे और कुत्सित षडयन्त्र के चलते वह अर्नगल झूठ फहलाकर अंकिता हत्याकाण्ड के दोषियों को बचाने का रास्ता बना सके। माहरा ने कहा कि हम अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कृत संकल्पित और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम इतनी जल्दी हार मानने वालों में से नहीं हैं, अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा, परन्तु उत्तराखंड की जनता ने भाजपा को जरूरत से ज्यादा बहुमत देकर उसे निरंकुश संवेदनहीन और बेलगाम कर दिया है, उन्हेांने कहा कि सत्ता को न आज अंकिता भण्डारी और न ही उसके माता पिता के आंसू दिख रहे है। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दर्शन लाल, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह, महामंत्री नवीन जोशी, नीरज त्यागी, मोहन काला आदि उपस्थित थे।

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