देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड क्रांति दल का गुटीय विवाद एक बार फिर सड़क पर आ गया है और जहां एक गुट ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दल का द्विवार्षिक महाअधिवेशन केन्द्रीय कार्यालय में आहूत किया और इस दौरान किसी भी प्रकार का विवाद न हो के लिए कार्यालय के बाहर बाउंसरों को तैनात किया गया, लेकिन बाउंसरों के पहरे में महाअधिवेशन नहीं हो पाया और बाद में दूसरे गुट काशी सिंह ऐरी के समर्थक एवं कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय कार्यालय पहुंचे और सड़क पर जमकर हंगामा किया और चाहरदीवारी पर चढ गये और वहां पर लगे बोर्डों व गमलों को तोड़ दिया और इस दौरान तीखी झड़प दोनों पक्षों में हुई और जबकि कुछ पदाधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना और दल का कार्यालय अखाड़ा बनकर रह गया। वहीं दूसरी ओर रमा चौहान ने बताया कि कुछ लोगों ने मध्य रात्रि में दल के कार्यालय में पहुंचकर शीशे तोड़ दिये और चोरी करने का भी प्रयास किया गया। इस दौरान यूकेडी कार्यालय पूरी तरह से छावनी में तब्दील किया गया था और बाद में विवाद को बढ़ता देखकर पुलिस ने यूकेडी कार्यालय में जमा लोगों को बाहर कर खाली कराया। वहीं दूसरी ओर दल में चल रही अंदरूनी गुटबाजी भी जगजाहिर हो गई।
यहां दोपहर बाद उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केन्द्रीय मीडिया प्रभारी व उनके समर्थकों का दल का द्विवार्षिक महाअधिवेशन चल रहा था और इस दौरान कई लोगों की भीड़ शामल रही और इस दौरान यूकेडी कार्यालय के बाहर पुलिस के साथ ही साथ बाउंसरों को भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार का कोई विवाद न हो, लेकिन दूसरे गुट से प्रमिला रावत, उत्तरा पंत बहुगुणा, रमा चौहान, किरन रावत कश्यप, शकुन्तला रावत ने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा किया और इस बीच वहां पर दोनों पक्षों के बीच जमकर तीखी झड़प हुई और दूसरे पक्ष ने वहां पर बोर्डों व गमलों को तोड दिया और अंदर कार्यालय में घुसे लेकिन कार्यालय के दरवाजे के पहले ही शीशे टूटे हुए थे। इस दौरान कार्यालय परिसर में पहुंचे दूसरे गुट के कार्यकर्ताओं ने काशी सिंह ऐरी एवं यूकेडी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिये और इस दौरान दोनों ओर से हंगामा व झड़प होती रही लेकिन बाद में वहां पर बाउंसरों के पहरे में चल रहे महाअधिवेशन में शामिल लोग चाहरदीवारी को फांद कर वहां से भाग निकले और इस दौरान दोनों पक्षों में तनातनी चलती रही। बाद में पुलिस ने विवाद को बढ़ता देख वहां पर जमे हुए सभी लोगों को कार्यालय परिसर से बाहर कर परिसर को खाली करा दिया और जिसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
इस दौरान हंगामे के बीच कार्यकारी अध्यक्ष ए पी जुयाल, त्रिवेन्द्र सिंह पंवार, लताफत हुसैन, प्रमिला रावत, उत्तरा बहुगुणा पंत, किरन रावत कश्यप, अनुपम खत्री, जय प्रकाश उपाध्याय, शकुन्तला रावत, सुलोचना ईष्टवाल, रमा चौहान, विपिन रावत, राजेन्द्र पंत सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
