कारगिल युद्ध के दौरान राज्य के सैनिक दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से रहे खड़े

0
120

देहरादून(संवाददाता)। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने जसवंत ग्राउण्ड में आयोजित 7वें सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के मौके पर रक्षामंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढावा देने के लिए ‘सोल ऑफ स्टीलÓ अल्पाइन चैलेज का विधिवत शुभारंभ करते हुए शुरू करने की अनुमति दी तथा रक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के नीती गांव के लिए 46० किलोमीटर लंबी कार रैली ‘रोड़ टू द एंडÓ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं गणमान्य द्वारा देहरादून कैंट में सशस्त्र बलों को शौर्य स्थल समर्पित किया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों के निस्वार्थ कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान और पराक्रम, वीरों के परिजनों के प्रति एक जुटता के सम्मान के रूप में, 14 जनवरी, 2०23 को देश भर में सातवां सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बेजोड़ साहस और बलिदान के साथ देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा की और उन लोगों को श्रद्धांजलि दी। जिन्होंने इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सशस्त्र बल के सेवारत और सेवानिवृत्त सेनिको की सराहना की। रक्षामंत्री ने उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों और योद्धाओं का विशेष उल्लेख किया। जिन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जैसे नायक, जिन्होंने उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानियों का समर्थन किया। उन्होने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उत्तराखंड राज्य के सैनिकों ने दुश्मन के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर और अडिग भावना के साथ देश की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों के जवानों की निस्वार्थ भक्ति और बलिदान के कारण, हमारे नागरिक सुरक्षित महसूस करते हैं और अपना सिर ऊंचा करके चलते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों ने दुनिया भर में भारत की छवि को एक शक्तिशाली और सम्मानित राष्ट्र के रूप में बदलने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आप सभी हमारी एकता और अखंडता के रक्षक हैं। उन्होंने कहा सैनिक राष्ट्र की संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि हम चैन से सोते हैं क्योंकि आप सीमा पर जाग रहे हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों को प्रदान की जा रही पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उनके द्वारा किए गए बलिदान और प्रतिबद्धता के प्रति देश के सम्मान का एक छोटा सा प्रतीक हैं, जो उन्हें उनके कल्याण के लिए सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन देता है। उन्होंने कहा कि आज का हर सैनिक कल का सम्मानित वयोवृद्ध है। उनकी भलाई और संतुष्टि सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है,। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हु, रक्षामंत्री ने पूर्व सैनिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रक्षा पेंशन शिकायत निवारण पोर्टल के शुभारंभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में शुरू की गई मां भारती के सपूतÓ वेबसाइट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग पोर्टल के जरिए सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष में योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी प्रयासों से नागरिकों को जोडऩे का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों और सशस्त्र सेना के सेवारत कर्मियों को उनके समर्पण और वीरता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर रहे देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के देवभूमि पधारने पर अभियनन्दन किया । उन्होंने कहा कि सैन्यधाम का रक्षामंत्री ने विधिवत् रूप से शिलान्यास किया था, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है इस वर्ष दिसम्बर माह तक सैन्यधाम का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से ओतप्रोत वीर सैनिकों ने देश की आनबान और शान को हमेशा अक्षुण रखने का कार्य किया है, भारत की सेना हमेशा विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में से एक रही है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हुए प्रत्येक संघर्ष में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन के छक्के छुड़ाने का काम किया है। देवभूमि उत्तराखण्ड ने अपने वीरि देश को दिए हैं, जिन्होंने अदम्य साहस विश्व का दिखाया है। उन्होंने कहा कि शान्ति का उपदेश देने वाली भारत की पुण्यभूमि समय आने पर शौर्य एवं पराक्रम द्वारा दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामथ्र्य से परिचित है, जिसका परिणाम है कि कोई भी दुश्मन हमारी ओर उंगली उठाने का साहस नहीं करता है। उन्होंने कहा कि आज सैनिक दुश्मनों की गोली का जवाब गोलों से दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व एवं अथक प्रयासों से आज सैनिकों को सैन्य साजो की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। आज सेना को लगातार अच्छे साजो-सामान मिल रहे हैं तथा प्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री लगातार सैनिकों मनोबल बढाने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि सैन्य पुत्र होने के नातेे राष्ट्र सेवा के प्रति वीर जवानों के समर्पण को नजदीकी से देखा है। उन्होंने कहा कि महार रेजिमेंट के अधिकारियों जवानों से मिला और पिताजी के साथ बचपन में बिताई हुए क्षणों के यादा ताजा हो गई, ऐसा लगा वर्षों बाद बिछड़े परिवार फिर से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए उनकी यूनिट ही उनका परिवार है परिवार से अधिक समय वे इनके साथ बिताते हैं यही कारण है एक सैनिक का दूसरे सैनिक के साथ भाई-भाई जैसा नाता होता है।
उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सेना के अधिकारियों का अपने कनिष्टों अधीनस्थों के साथ प्रेमवत व्यवहार एवं सम्मान होता है, तथा उनका नाम आदर से लिया जाता है जो सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कल्याण के लिए जितने भी मामले आते हैं उस पर निरंतर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैलेंटरी अवार्ड में सेना चक्र विजेता है उसकी धनराशि बढाने का काम किया है, युद्व विरांगनाओं की पेंशन बढोत्तरी करने का निर्णय किया है तथा अनेकों-अनेक ऐसे कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कैन्टोमेंट बोर्ड की वेस्ट टू वैन्डर पहल कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल राजधानी को सुन्दर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि आने वाली पीढी सेना के पराक्रम वीरता से भलिभांति परिचित हो सके इसको ध्यान में रखते हुए आज शौर्य स्थल का विधिवत् उदघाटन हुआ है। उन्होंने सभी को वैटरडे की शुभकामना देते हुए कविता पढी ”देश रक्षा जिसका काम, रण कौशल जिसका बेमिशाल, देख जिसको घबराए काल, बुरा होता दुश्मन का हाल, जिसकी रगरग में हिन्दुस्तान है वो भारत का वीर जवान है। इस अवसर पर इसके उपरान्त केन्द्रीय रक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य ने परिसर में उपस्थित पूर्व सैनिकों के पास जाकर उनके मुलाकात की। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, टिहरी गढ़वाल के सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, उत्तर भारत क्षेत्र लेफ्टिनेंट जनरल जे पी मैथ्यू, उत्तराखंड सब एरिया, मेजर जनरल संजीव खत्री, उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष मेजर जनरल मोहन लाल असवाल (सेवानिवृत्त), सहित अन्य गणमान्य एवं पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन व सैनिक शामिल थे।

LEAVE A REPLY