नौकरियों को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि आज उतराखंड राज्य अभूतपूर्व विपरित परिस्थितियों से गुजर रहा है और आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में नौकरियों को बेचने का काम सरकार कर रही है और प्रदेश में कई पेपर लीक व भर्ती घोटाले हुए है और जिनमें पटवारी परीक्षा लीक घोटाला भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज तक पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया गया है जबकि पडोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया है। यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि बीते रोज कैबिनेट की बैठक में ठोस निर्णय जोशीमठ के लिए नहीं लिये गये है और केवल प्रभावितों को दी जाने वाली चार हजार रूपये की राशि को पांच हजार करने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि वह नाकाफी है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के प्रभावित लोगों को बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर दिया जाना चाहिए लेकिन राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया और उन्हेांने राज्य सरकार से बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर मुआवजा दिये जाने की मांग है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाजार भाव से मुआवजा दिये जाने की बात कर रही है लेकिन धनराशि की घोषण नहीं कर पा रही है । उन्होंने कहा कि लगातार सरकार की ओर से जोशीमठ के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार उत्तराखंड के धामों की बात करते है और जोशीमठ के लोगों ने प्रधानमंत्री से उम्मीद की नजर लगाई और वह उनकी ओर देख रहे है लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार ने भी इस ओर ठोस प्रयास नहीं किये है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ने पूर्व में नगर पालिका से किये गये करार को लागू करने की आवश्यकता है जिसमें उन्होंने मकानों, दुकानों, अचल संपत्ति को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो उसका एनटीपीसी बीमा करायेगी यह वायदा भी याद दिलाने की जरूरत है और एनटीपीसी केन्द्र की नव रत्न कंपनियों में से एक है और केन्द्र सरकार को इस मामले पर हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार प्रदेश में नौकरियों को बेचने का काम राज्य सरकार कर रही है। पटवारी भर्ती में लोक सेवा आयोग का अनुभाग अधिकारी ही हाकम सिंह बन गया और पिछले दस वर्षों से एक कोचिंग सेंटर के संपर्क में वह अनुभाग अधिकारी था और हालांकि अब वह जेल में है लेकिन सरकार ने नकल रोकने को सख्त कानून बनाये जाने की बात कही है वह स्वागत योग्य कदम है लेकिन राजनैतिक रूप से संरक्षण देने वालों पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए जिससे इस पर रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कानून लागू कर दिया गया है लेकिन उसमें लिखा है कि जबरदस्ती धर्मांतरण पर रोक की बात की जा रही है लेकिन यह पहले भी था और इसमें नया क्या किया गया है। उन्होंने आज धर्म की हानि को रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मोरी में एक अनुसूचित जाति के युवक को मंदिर में दर्शन करने के लिए जाने से रोकने व उसके साथ मारपीट करने की घटनाओं पर रोक लगाये जाने की आवश्यकता है और सरकार को इस के प्रति सचेत होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के हत्यारों को शीघ्र ही फांसी की सजा दी जाये। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सरकार इस मामले को रफा दफा करने में तुली हुई है। इस अवसर पर वार्ता में मथुरादत्त जोशी, गरिमा माहरा दसौनी, शीशपाल बिष्ट, अमरजीत सिंह, राजेश चमोली, दर्शनलाल, अश्वनी बहुगुणा आदि शामिल रहे।

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