जोशीमठ का बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर हो वन टाइम सैटेलमेंट: कांग्रेस

0
155

देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि जोशीमठ के मामले पर सरकार गैर जिम्मेदार रुख अख्तियार किए हुए है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ का बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर वन टाइम सैटेलमेंट किया जाना चाहिए। यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार जोशीमठ की घटना कों लेकर मुख्यमंत्री से समय माँगा गया, लेकिन नहीं दिया जा रहा है और इससे सरकार की संवेदनशीलता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 2० दिन से मशाल जुलूस, प्रदर्शन हो रहे है और किसी भी मंत्री नें प्रवास नहीं किया है और सरकार संवेदनशील नहीं दिखाई दे रही है और आज तक कैबिनेट की बैठक तक नहीं बुलाई है और बनभूलपुरा मामले में सरकार ने एक दिन में ही कैबिनेट की बैठक बुला दी इस अभी तक सरकार नें इसे आपदा घोषित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोग घर कों लेकर ही चिंतित नहीं बल्कि रोजी-रोटी कों लेकर भी चिंतित है।
उन्होंने कहा कि सरकार गैर जिम्मेदार रुख अपना रही है और लगातार तीन दिनों से मुझे मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं दिया गया जिससे यह साफ होता है कि सरकार कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोगों को भी वही मुआवजा देना दिया जाना चाहिए और वही मुआवजा बद्रीनाथ धाम के लोगों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोग पीपलकोटी एवं गौचर में रहने के लिए तैयार नहीं है और जोशीमठ के लोगों का कहना है कि देहरादून के आसपास के इलाकों में उन्हें बताया जाए और जैसे कि टिहरी विस्थापितों को देहरादून के आसपास के इलाकों में बसाया गया है। उन्होंने कहा कि किराये के नाम पर वहां के लोगों को रूपये 5००० की आर्थिक सहायता देना वहा लोगो के साथ छलावा है। उन्होंने कहा िक जोशीमठ अंदर ही अंदर खोखला हो रहा है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि जोशीमठ में कैबिनेट मंत्रियों का डेलिगेशन भेजा जाए ताकि हर एक वार्ड में जाकर मंत्री लोगों की तकलीफों को सुने और उसका निदान करें। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस पहल नहीं की है। उन्होंने कहा कि आज मिश्रा आयोग की रिपोर्ट याद आ रही है और कांग्रेस यूपीए के शासनकाल में बडी परियोजनाओं को बंद करने का काम किया गया।
उन्होंने कहा कि लोहारी नागपाला परियोजना, भाली मनेरी, धौली घाटी परियोजना को वर्ष 2०1० में बंद किया गया और इसी प्रकार से जोशीमठ में एक हजार करोड़ की योजना को भी बंद करने का काम किया गया लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार जोशीमठ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्म की राजनीति करने वाली सरकार आज इस ओर गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं नें वार्डों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं को सुना और समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोगों से मिलने के बाद से लोग सरकार से नाराज है और सरकार के मंत्री वहां पहुंच रहे है और निर्देश देकर वापस आ रहे है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री डा. धनसिंह रावत जोशीमठ गये और वहां रात्रि विश्राम करने के बजाय दो ढाई घंटे में वापस आ गये। उन्होंने कहा कि वहां पर बच्चों की प्री बोर्ड की परीक्षाएं आ रही है वहां कैसे कोई, परीक्षा देगा, इसको लेकर भी सरकार संवेदनहीन नजर आ रही है और उन्हें परीक्षा को रोकना चाहिए था लेकिन कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आज भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा वहां पर लाल निशान लगाये जा रहे है और लोगों को बाहर करने का काम किया जा रहा है जो निंदनीय है। इस अवसर पर वार्ता में मथुरादत्त जोशी, पी के अग्रवाल, विजय सारस्वत, गरिमा दसौनी मेहरा, सुजाता पॉल, याकूब सिददीकी, अमरजीत सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।

LEAVE A REPLY