अकेले मोर्चे पर डटे ‘सीएम’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को आदर्श राज्य बनाने के लिए जिस तरह से सात माह से अकेले हर मोर्चे पर डटे हुये दिखाई दे रहे हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि वह एक बडे विजन के तहत काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 2024 के मिशन को सफल बनाने के लिए जिस तरह से सभी जनपदों में जाकर वहां कार्यकर्ताओं के साथ मंथन चिंतन शुरू कर रखा है और वहां के विकास को लेकर वह एक बडा खाका खींच रहे हैं वह मुख्यमंत्री की एक नई सोच को प्रभाषित कर रहा है। वहीं रूद्रप्रयाग में दो दिन का प्रवास और भाजपा कार्यकर्ताओं को गले लगाना इस बात का संकेत है कि वह अपने कैबिनेट मंत्रियों और नौकरशाहों को संदेश दे रहे हैं कि एसी कमरों में बैठकर उत्तराखण्ड आदर्श राज्य नहीं बन पायेगा? उत्तराखण्ड में अभी तक बडे-बडे प्रकरण सामने आये और उससे राज्य के अन्दर एक नया भूचाल मचा जिसके चलते जनता सडकों पर आई जहां मुख्यमंत्री ही अकेले मोर्चे पर खडे हुये दिखाई दिये। ऐसे में अकेले मुख्यमंत्री कैसे उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का अपना सपना पूरा कर पायेंगे यह एक बडा सवाल राज्य के अन्दर खडा होने लगा है? उत्तराखण्ड के अन्दर भाजपा की सरकार को बने लगभग सात माह का समय हो गया है और जिस तरह से खुद मुख्यमंत्री आवाम का दर्द सुनकर उसे हल कर रहे हैं और राज्य मंे आये हर संकट का वह खुद हल निकालने के मिशन में आगे बढे हुये हैं उससे वह अपने कैबिनेट मंत्रियों और नौकरशाहों को लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि दफ्तर में बैठकर कोई काम नहीं होगा जितना काम दफ्तर में बैठने का है उतना ही काम दोनों का सड़क पर उतर कर धरातल की स्थिति जानने का भी है लेकिन मुख्यमंत्री बनने के लगभग सात महीने बाद भी लगता है ना तो अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं और ना ही कैबिनेट मंत्री यही कारण है कि अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इशारों ही इशारों में समझाने का काम कर रहे हैं?
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के तेरह जिलों की अगर बात की जाये तो तमाम जिलों में बैठे जिलाधिकारी और एसएसपी अपने दफ्तरों से ही जिले का संचालन कर रहे हैं बीते दिनों अंकिता हत्याकांड में राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हुए तो वही अल्मोड़ा में भी इसी तरह का मामला सामने आया हरिद्वार शराब कांड में जहां घंटों बाद जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे तो वही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन के प्रमुख और जिले के बड़े अधिकारी भी घंटों बाद पहुंचे इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अपनी बैठकों में अधिकारियों को यह निर्देश देने का काम कर रहे हैं कि उन्हें दफ्तरों की कुर्सी छोड़कर जमीन पर भी हालात देखने होंगे। उत्तराखण्ड मंे आई दैवीय आपदा के समय भी मुख्यमंत्री अधिकारियों को फटकार लगा चुके है। अधिकारियों को राज्य में विकास कार्यों की गति किस तरह से चल रही है और राज्य की सरकार से आम जनता कितनी खुश है इस बात का जायजा लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धामी तेरह जिलों में हर हफ्ते विजिट कर रहे हैं अब तक वह चंपावत उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल और चमोली जैसे जिलों में भ्रमण कर चुके हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस बात को बखूबी जानते हैं कि राज्य गठन के बाद से जिस तरह से राज्य में बैठे नौकरशाहों ने सत्ता में बैठे नेताओं को परेशान किया है ऐसे में उनके लिए भी यह चुनौती खड़ी है बीते दिनों राजधानी देहरादून के मालदेवता में आई आपदा के दौरान जब कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मौके पर मौजूद थे तब जिले का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंच पाया था इस बात की सूचना खुद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी थी तत्काल मुख्यमंत्री ने अपने कार्यक्रम को स्थगित कर के मौके पर पहुंचने का कार्यक्रम बनाया मुख्यमंत्री को मौके पर पहुंचता देख आनन-फानन में सभी अधिकारियों की गाड़ियां भी मौके पर घूमने लगी पुष्कर सिंह धामी ने यहां पहुंच करके भी अधिकारियों को यह संदेश दिया कि वह ऐसे हालातों में जनता के बीच पहुंचे ना कि दफ्तरों में बैठकर फोन इधर-उधर घूम आए।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी सीधे जनता से संवाद कर सरकार और अफसरों की कार्यशैली का फीडबैक ले रहे हैं। इसके साथ ही बीते दिनों अल्मोड़ा और चंपावत जिले में भी रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बिना लाव लश्कर के सुबह-सुबह मार्केट में निकल गए जहां पर उन्होंने आम जनता से बातचीत करके ना केवल सरकार का कामकाज का फीडबैक लिया बल्कि अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर के भी आम जनता से बातचीत की 2 दिन पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग जिले में भ्रमण कर रहे थे तब रात्रि विश्राम के बाद सुबह-सुबह वह उन दुकानदारों के पास पहुंचे जो चार धाम यात्रा का सही से फीडबैक दे सकते हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां पर व्यापारियों के साथ कुछ समय बिताया और उनसे यह जानने की कोशिश की कि आखिरकार यात्रा में किसी तरह की कोई दिक्कत परेशानी तो नहीं हुई यात्रा समापन की ओर है लिहाजा मुख्यमंत्री यह चाहते थे कि अधिकारियों का फीडबैक जो उनके दफ्तर के टेबल पर रखा हुआ है उसमें और धरातल पर क्या स्थिति है लिहाजा बताया जाता है कि जो व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ यात्रियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फीडबैक दिया वह अधिकारियों की रिपोर्ट से बिल्कुल भी मिलता-जुलता नहीं था ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तमाम अधिकारियों से एक बार फिर से कड़े लहजे में कहा है कि यात्रा हो या अन्य कार्यक्रम किसी भी तरह की कोई भी कोताही न बरती जाए। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाबा केदारनाथ के सम्भावित दर्शनों को देखते हुए उन्होंने केदारनाथ में हो रहे पुननिर्माण कार्यों को देखने के लिए अपनी टीम के साथ वहां काफी समय बिताया। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आवाम की नब्ज टटोलने के लिए खुद ही सडकों पर निकल जाते हैं जिससे साफ नजर आ रहा है कि वह अपने मंत्रियों और अफसरों की कार्यशैली का आंकलन करने को लेकर कितने गंभीर हैं?
