सैनिक पुत्र पुष्कर माफियाओं के खिलाफ रचेंगे इतिहास

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बाइस सालों से राज्य के जो पूर्व मुख्यमंत्री माफियाओं के खिलाफ हमेशा कार्यवाही करने में भाई-भतीजावाद अपनाते रहे उन सबसे अलग चलते हुए सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी ने कसम खाई है कि जब तक वह राज्य से हर बुरी ताकत को नेस्तनाबूत नहीं कर देंगे तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री ने एक साल के भीतर जिस धाकड अंदाज में अपनी राजनीतिक पारी खेली है उसको देखकर भले ही उनके कुछ विरोधियों में खलबली मची हो लेकिन राज्य की जनता का एक स्वर में यही कहना है कि ऐसा मुख्यमंत्री आज तक उन्होंने कहां देखा था जो हर पीडित इंसान की मद्द करने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडा हो जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राजनीति में सफल होना उनके ईमानदार सारथियों का ही परिणाम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के एक सारथी ऐसे हैं जो हमेशा गलत को गलत और सही को सही कहने में कभी भी नहीं हिचकिचाते क्योंकि उनका एक ही विजन है कि स्वच्छता के साथ आवाम की सेवा करना है क्योंकि उन्होंने सरकारी पद पर आसीन होने के दौरान यही कसम खाई थी कि दबे कुचले इंसानों की मद्द के लिए उन्हें हमेशा आगे खडे रहना है। उत्तराखण्ड का इतिहास देखा जाये तो राज्य के कुछ पूर्व मंत्री ऐसे दिखाई दिये जिन्होंने अपने अहंकार के साथ सत्ता चलाई और उनके सारथी भी उन्हें गलत राह पर ले जाते चले गये जिसके चलते आवाम को हमेशा यही बेचैनी रहती थी कि राज्य में कौन ऐसा चेहरा आयेगा जो उत्तराखण्ड को शहीद आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनायेगा। एक सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी ने जिस धाकड अंदाज में राज्य के अन्दर माफियाओं के खिलाफ अपना ऑपरेशन चला रखा है उससे साफ नजर आ रहा है कि वह अपनी कुर्सी के मोह में नहीं डूब रहे हैं और वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये मंत्र पर ही सरकार चलाने के लिए वचनबद्ध होकर स्वच्छता के साथ सरकार को चला रहे हैं।

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