सीएम पुष्कर के खिलाफ साजिशें ही साजिशें!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। हैरानी वाली बात है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी को अपना सखा मानकर उन्हें राज्य में पारदर्शिता के साथ सरकार चलाने का आदेश दिया हुआ है जिसका पालन मुख्यमंत्री शत-प्रतिशत करते आ रहे हैं लेकिन भाजपा के चंद दिग्गज नेता मुख्यमंत्री को पारदर्शिता के साथ सत्ता चलाने में उन्हें कदम-कदम पर भीतरघाती चोट पहुंचा रहे हैं जिससे राज्य के मुख्यमंत्री फ्रीहैंड होकर सम्भवत: काम ही नहीं कर पा रहे हैं? मुख्यमंत्री का साफ विजन है कि वह भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अपने को बक्शने के मूड में नहीं हैं क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें विजन दे रखा है कि राज्य को भ्रष्टाचार और घोटालामुक्त प्रदेश बनाकर देशभर में एक संदेश देना है कि पुष्कर राज में उत्तराखण्ड में किस तरह से भ्रष्टाचार करने वाले गुनाहगारों को बेपर्दा किया जा रहा है। आवाम हैरान है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि धाकड अंदाज में सत्ता चला रहे हैं और राज्यवासियों का दिल जीतने के मिशन में आगे बढ रहे हैं उन्हें भाजपा के ही कुछ दिग्गज नेता पचा नहीं पा रहे हैं और उनके खिलाफ कदम-कदम पर जिस तरह से साजिशों का खेल खेला जा रहा है उससे मोदी के सखा कैसे उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बना पायेंगे इस पर खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बडा मंथन कर उन साजिशकर्ता नेताओं पर चाबुक चलाना पडेगा जो राज्य के मुखिया को सत्ता चलाने में दिक्कतें पैदा करने का खेल खेल रहे हैं?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक साल के कार्यकाल में जिस तरह से राज्य की जनता का दिल जीता है उससे राज्य के कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनसे यह सीखना चाहिए कि सत्ता अहंकार से नहीं बल्कि प्यार से चलाई जाती है और सत्ता चलाने के लिए मुख्यमंत्री को राजा नहीं बल्कि मुख्य सेवक बनकर काम करना चाहिए। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर मुख्य सेवक बनकर ही सत्ता चला रहे हैं लेकिन भाजपा के चंद दिग्गज नेताओं को उनकी पारदर्शिता से सत्ता चलाना बर्दाश्त नहीं हो रहा है और यही कारण है कि किसी न किसी बहाने मुख्यमंत्री को राज्य के अन्दर निशाने पर लेने का चक्रव्यूह रचा जा रहा है। उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर ंिसह धामी भले ही आवाम की नजरों में सुपर सीएम दिखाई दे रहे हों लेकिन भाजपा के कुछ दिग्गज नेता उनकी सत्ता चलाने की स्टाईल से इतना भयभीत हो चुके हैं कि उन्हें हरपल अपनी राजनीति को लेकर खतरा दिखाई दे रहा है? गजब की बात यह है कि उत्तराखण्ड के अन्दर बडे-बडे मामले देखने को मिल चुके हैं और इन सभी मामलों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद अकेले मोर्चे पर डटे हुये दिखाई दे रहे हैं जिससे साफ नजर आ रहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर देखकर भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं को किस तरह से बेचैनी हो रही है? उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ जहां खुली जंग लडनी शुरू कर दी है वहीं उन्होंने माफियाओं पर भी बडी नकेल लगाने के लिए जिस तरह से अपने कदम आगे बढा रखे हैं उससे भाजपा के ही कुछ दिग्गज नेताओं को यह आभास होने लगा है कि पुष्कर सिंह धामी जिस तेजी के साथ राज्य की जनता के बीच प्रसिद्धि पाते जा रहे हैं उससे उनका राजनीतिक भविष्य अंधकारमय जाता हुआ दिखाई दे रहा है? मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं की नजर लगी हुई है और वह खुली आंखों से मुंगेरीलाल के हसीन सपनों की तरह खुद राज्य का मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं? बहस यह चल रही है कि आखिरकार जो मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए भ्रष्टाचार, घोटाले और माफियाराज का अंत करने के लिए अकेले मोर्चे पर डटकर उनका सामना कर रहा है उसे अस्थिर करने के लिए क्यों भाजपा के ही कुछ दिग्गज नेता आये दिन साजिशों का खेल खेल रहे हैं। अब सवाल यह खडे हो रहे हैं कि जब उत्तराखण्ड के अन्दर एक साल के भीतर जिस मुख्यमंत्री व उनके करीबियों पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा तो फिर उन्हें भाजपा के ही कुछ दिग्गज नेता राज्य के अन्दर उन्हें अस्थिर करने की साजिशों का तांडव क्यों मचा रहे हैं?

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