मन में क्रोध पैदा करती है बेटियों के साथ होने वाली घटना: पुष्कर

0
140

देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 8० हजार लाभार्थी बालिकाओं को पीएफएमएस के माध्यम से रूपये 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा हमारी बेटियों के साथ होने वाली इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा Ó2०17-18 सत्र की 531० बालिकाओं, 2०18 -19 सत्र की 46० बालिकाओं, 2०19 – 2० सत्र की 1567 बालिकाओं, 2०2० – 21 सत्र की 1621० बालिकाओं एवं 2०21 – 22 सत्र की 56177 बालिकाओं, इस प्रकार से कुल 8० हजार वंचित लाभार्थि बालिकाओं को धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर प्रदेश की बेटियों को धनराशि हस्तांतरण कर अपने को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिकाओं के भविष्य को उत्कृष्ट, उज्जवल बनाने हेतु संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के संकल्प को पूर्ण करने में बेटियों का अहम योगदान है, आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां एवं महिलाएं पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, सरकार द्वारा लिए गए प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाने के संकल्प में बेटियों का अहम योगदान रहेगा।
उन्होंने कहा बेटियों के योगदान के बिना यह संकल्प कभी पूरा नहीं हो सकता, आज बेटियां मेहनत, परिश्रम के बल पर सफलता हासिल कर रही हैं, उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ अपने सपनों को साकार करने में जुट जाना चाहिए, समय बहुत बहुमूल्य होता है जिसका सदुपयोग करना ही हमारे जीवन को सफल एवं सार्थक बनाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर उसकी आत्मा में भगवान का वास होता है, हमें अपने अंदर की काबिलियत एवं अंदरूनी शक्ति को पहचानना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वयं की मदद करने वाले मनुष्य की हमेशा भगवान मदद करते हैं, उन्होंने कहा बड़ों का आदर एवं जिंदगी में अनुशासन का पालन करने वाला व्यक्ति हमेशा सफलता की ओर बढ़ता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा हमारी बेटियों के साथ होने वाली इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय करने वाले लोगों की हमारे समाज एवं राज्य में कोई जगह नहीं है, उन्होंने कहा इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बेटियों के मान सम्मान को सरकार का मान सम्मान बताया। उन्होंने कहा प्रदेश की बेटियों का अपमान सरकार का अपमान होता है, उन्होंने कहा हमारी बेटी अंकिता भण्डारी पर हुए इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के महा अभियान की शुरुआत की थी, यह नंदा गौरा योजना भी उसी परिपेक्ष में बालिकाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के रास्ते पर ले जाती है, उन्होंने कहा हमें हर लड़की के समग्र विकास में गतिशील प्रगति होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक बालिका के पैदा होने से उसकी पढ़ाई एवं शादी होने तक सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है, उन्होंने कहा प्रत्येक बालिका का अधिकार है कि उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले, इसके साथ ही यह देवभूमि एवं देवियों की भूमि दोनों कहलाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि 2०17-18 से 2०21 -22 तक के नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 8० हजार लाभार्थी बालिकाओं को पीएफएमएस के माध्यम से रूपये 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया है एवं इस वर्ष 2०22 से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्म से की जायेगी ताकि पात्र बालिकाओं को ये लाभ प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना कटाने पड़े। उन्होंने कहा कि बालिकाएं अपने कर्तव्य, एवं भविष्य में अपनी भूमिका एवं समाज को दे रहे योगदान को समझें। उन्होंने कहा कि ताकि वह आने वाले समय में देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य के विकास में अपना योगदान दें। इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य, निदेशक संस्कृति वीणा भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY