देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री मात्र दस माह के भीतर ही आवाम के दिलों में ऐसे छा गये कि चारो ओर उन्हें महानायक और हृदय सम्राट के नाम से पुकारा जा रहा है। अल्प समय में एक राजनेता की इतनी बडी प्रसिद्धी यह साबित कर गई कि एक युग अब पुष्कर ंिसह धामी के नाम हो चुका है और उत्तराखण्ड में लम्बे अर्से तक सत्ता पर काबिज रहकर आवाम के हृदय सम्राट बन चुके पुष्कर ंिसह धामी धरातल पर एक नया उत्तराखण्ड बना देंगे यह अब राज्यवासियों को आशा बंध गई है। चम्पावत में उपचुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस के चंद दिग्गज नेताओं ने ऐसा भोपू बजाया था कि पुष्कर ंिसह धामी को खटीमा की तर्ज पर चम्पावत में हराया जायेगा और इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की एक लम्बीचौडी सूची भी मीडिया में जारी की थी जिससे भौकाल मचाया जा रहा था कि चम्पावत में पुष्कर ंिसह धामी की चुनाव में राह आसान नहीं होगी लेकिन चम्पावत में जिस तरह से चप्पे-चप्पे पर पुष्कर ंिसह धामी के उद्घोष हो रहे हैं उससे भाजपाईयों का हौसला सातवें आसमान पर है और पुष्कर ंिसह धामी जिस तरह से चम्पावत में विकास की एक बडी रेखा खींचकर वहां से आये हैं उससे समूचा चम्पावत पुष्करमय हो गया है और इस महानायक पुष्कर की आंधी में अब कांग्रेस के वो स्टार प्रचारक उड गये हैं जिन्हें चम्पावत में मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के खिलाफ प्रचार करने के लिए मोर्चा संभालना था। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने उत्तराखण्ड के महानायक और आवाम के दिलों में बस चुके हृदय सम्राट पुष्कर ंिसह धामी को उत्तराखण्ड का युग पुरूष मान लिया है उससे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की नींद उडी हुई है और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि पुष्कर ंिसह धामी जिस तरह से एक के बाद एक बडे-बडे फैसले राज्य के अन्दर ले रहे हैं उससे तो भविष्य में कांग्रेस कैसे सत्ता पर काबिज हो पायेगी? पुष्कर ंिसह धामी के साथ खटीमा में भीतरघात इसीलिए किया गया था कि अगर वह विधानसभा चुनाव हार गये तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन नहीं किया जायेगा लेकिन भाजपा के दिग्गज नेताओं के विश्वास पर जिस तरह से पुष्कर ंिसह धामी खरे उतरे उसके चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में एक बार फिर भाजपा की सत्ता में वापसी का सेहरा पुष्कर ंिसह धामी के सिर पर बांधा और उसके बाद पुष्कर ंिसह धामी को फिर मुख्यमंत्री का ताज पहना दिया गया। देश के प्रधानमंत्री के विश्वासपात्र और सखा बन चुके पुष्कर ंिसह धामी नरेन्द्र मोदी के पदचिन्हों पर ही आगे बढते हुए सरकार चला रहे हैं और सरकार को चलाने के लिए उन्होंने अपनी किचन टीम में धाकड ईमानदार अफसरों को शामिल किया है उसी से राज्यवासियों के मन में एक आशा की किरण बंधी हुई है कि अब राज्य में भ्रष्टाचार का तांडव करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे ही जाना पडेगा। चम्पावत से उपचुनाव लडने के लिए जब पुष्कर ंिसह धामी ने ऐलान किया था तब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह माहरा समेत पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं ने दम भरा था कि पुष्कर ंिसह धामी को खटीमा की तर्ज पर चम्पावत उपचुनाव में हराया जायेगा। कांग्रेस के चंद दिग्गज नेताओं का बडबोलापन उस समय धडाम हो गया जब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के खिलाफ अपनी कमजोर प्रत्याशी निर्मला गहतोडी को चुनाव मैदान में उतार दिया। कांग्रेस ने चंद दिन पूर्व चम्पावत में उपचुनाव के लिए अपने बडे-बडे राजनेताओं के नाम की एक सूची जारी करते हुए कहा था कि यह सभी स्टार प्रचारक चम्पावत उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने के लिए जनसभायें करेंगे। चम्पावत के उपचुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे कांग्रेस का चम्पावत से हवा-हवाई हो जाना उन कांग्रेसी नेताओं को आईना दिखा रहा है जो दम भर रहे थे कि चम्पावत में पुष्कर सिंह धामी को चुनाव हराया जायेगा। भाजपा ने जहां चप्पे-चप्पे पर अपना प्रचार प्रसार शुरू कर रखा है वहीं कांग्रेस चुनावी रणभूमि में कहीं नजर ही नहीं आ रही और उसके चलते चम्पावत के लोग यह भी कहने से चूक रहे कि पुष्कर ंिसह धामी की आंधी में कांग्रेस के सभी बडे स्टार प्रचारक उड गये हैं।
