हरिद्वार/देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में हमेशा यह देखने को मिला जब कोई राजनेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुआ तो उसने छोटे कार्यकर्ताओं को कभी भी वो सम्मान व प्यार देने के लिए अपना हौसला नहीं दिखाया जिसके लिए आम कार्यकर्ता अपने मुख्यमंत्री से एक बडी चाहत रखता है लेकिन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे राजनेता बन चुके हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को जिस तरह से हर कार्यक्रम व समारोह में एक सम्मान देने का काम किया उसी का परिणाम रहा कि उत्तराखण्ड में भाजपा के कार्यकर्ताओं के मन में अपने मुख्यमंत्री को लेकर जो जज्बा देखने को मिल रहा है उसकी छाया चम्पावत में भी देखने को मिल रही है जहां राजधानी से काफी संख्या में महिलायें भी पुष्कर सिंह धामी को एक बडी जीत दिलाने के मिशन में तपती धूप में भी एक गांव से दूसरे गांव में उनका प्रचार कर रही हैं। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुये पुष्कर सिंह धामी आज जब हरिद्वार में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो हैलीपेड पर आये भाजपा जिला उपाध्यक्ष से सीएम ने सीधे संवाद किया कि आज तुम्हारा जन्मदिन है हां मैने फेसबुक पर देखा था। यह सुनते ही जिला उपाध्यक्ष की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और भाजपा कार्यकर्ता यह कहने से भी नहीं चूके कि अगर एक राज्य का मुख्यमंत्री अपने कार्यकर्ता को उसके जन्मदिन के बारे में बात कर रहे हैं तो यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस तरह से अपने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर उनका हौसला बढा रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी जो कि युवा मोर्चा की कमान संभाल चुके हैं इसलिए उन्हें इस बात का इल्म है कि पार्टी का कार्यकर्ता अपने मुख्यमंत्री से क्या उम्मीद रखता है क्योंकि छोटे-छोटे कार्यकर्ता ही सरकार की जान होते हैं जो कि हर समय पार्टी का झंडा और डंडा उठाकर रखते हैं ऐसे में उन्हें कैसे अपने से दूर किया जा सकता है यह राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी खूब अच्छी तरह जानते हैं। भाजपा के हर कार्यकर्ता को इस बात का इल्म है कि अगर उनका सामना राज्य के मुख्यमंत्री से होगा तो वह उन्हें नजरअंदाज नहीं करेंगे बल्कि अपने पास बुलाकर वह उसका हौसला बढायेंगे कि वह उनके साथ हैं यही कारण है कि आज चम्पावत में हर कार्यकर्ता पुष्कर सिंह धामी को चुनाव में एक बडी जीत दिलाने के लिए दिन-रात काम कर रहा है और उसके मन में एक ही लगन है कि खटीमा में हुई पुष्कर ंिसह धामी की हार का बदला उन्हें चम्पावत में होने वाले उपचुनाव में लेना है।
उत्तराखंड के अब तक के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मैं जिस प्रकार से उत्तराखंड के भाजपा कार्यकर्ताओं को अपने व्यवहार से मुरीद बना दिया है वह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जिस क्षेत्र में दौरा होता है वहां छोटे से छोटे कार्यकर्ता के हाथों माला पहनना, स्वागत करवाना,फोटो खिंचवाना व सेल्फी करवाना। भाजपा के कार्यकर्ताओं को खुशनुमा माहौल का एहसास करा रहा है। दरसल भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह वक्त भी देखा की पिछले मुख्यमंत्रियों के आने पर किस प्रकार अपेक्षा हुआ करती थी। अब धामी ओरो से अलग हट कर कार्यकर्ताओं से सीधे मिलते है उनकी प्रशंसा करते है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किंग कार्यशैली को इस प्रकार समझा जा सकता है की जब वह किसी भी जिले में जाते हैं तो वहां पर सोशल मीडिया के माध्यम से किसी कार्यकर्ता के जन्मदिन का पता लगता है तो उसको जन्मदिन की शुभकामना दे चौंका देते हैं। आज भी हरिद्वार में हैली पैड पर उतरते ही जब कार्यकर्ता स्वागत कर रहे थे तभी हरिद्वार के जिला उपाध्यक्ष संदीप गोयल भी स्वागत करने पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने उनसे जन्मदिन की शुभकामना देकर बोला की मैने फेसबुक पर देखा था। इतनें भर से संदीप गोयल गदगद हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीआर से एम ए की है तो उनको बेहतर आता है की सामने वाले को प्रसन्न कैसे रखा जाता है। मुख्यमंत्री को किसी छोटे स्तर के कार्यकर्ता ने भी माला पहनानी हो तो भी मुख्यमंत्री पूर्ण सम्मान देते हैं। अभी तक भाजपा के पूर्व दिग्गज पदों पर बैठते ही अपने व्यवहार में घमंड पैदा कर लेते है लेकिन धामी चूंकि स्वयं जमीनी स्तर से निकले आम कार्यकर्ता रहे हैं। इसलिए वो सामान्य कार्यकर्ताओं का पूर्ण सम्मान करते है। मंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कई भाषाओं में कहा भी है कि वह वीआईपी कल्चर वाले व्यक्ति नहीं हैं इस भाजपा को खड़ा करना है लेवल के कार्यकर्ताओं बड़ी भूमिका जिनका सम्मान करना पार्टी के हर उच्चतर के नेता की जिम्मेदारी है। उनको नहीं भूलना चाहिए कि इन छोटे कार्यकर्ताओं के कारण ही भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने में कामयाब हुए है।
