पति की जीत के लिए गीता ने संभाला मोर्चा

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देहरादून/चम्पावत(संवाददाता)। उत्तराखण्ड ने पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव लडना है लेकिन वह राज्य के विकास को आगे बढाने की दिशा में अपना पूरा ध्यान लगाये हुये हैं और उनका एक ही विजन है कि राज्य को तेजी के साथ विकास के पथ पर ले जाना है वहीं उनकी पत्नी गीता धामी चुनावी रण संभालकर पति की जीत का स्वर्णीम अध्याय लिखती हुई नजर आ रही हैं। गीता धामी जहां अपने पति पुष्कर सिंह धामी की जीत को एतिहासिक जीत बनाने के लिए चुनावी रणभूमि में उतरी हुई हैं वहीं वह राज्य के विकास को सर्वोपरि बनाने का आवाम के सामने संकल्प ले रही हैं। पुष्कर सिंह धामी की पत्नी के साथ जिस तरह समूचा चम्पावत जुडता चला रहा है और हर तरफ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि पुष्कर सिंह धामी अब उत्तराखण्ड का एक महानायक बन चुके हैं और उनकी पत्नी जो कि सौम्य और सरल स्वभाव की महिला हैं वह हर घर में एक ही संदेश दे रही हैं कि चम्पावत के विकास के लिए पुष्कर सिंह धामी जरूरी हैं। हैरानी वाली बात है कि पुष्कर सिंह धामी अपनी चुनावी रणभूमि में समय ही नहीं दे रहे और उनका एक ही संकल्प है कि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए वह मुख्यमंत्री बने हैं इसलिए चम्पावत की जनता ही उपचुनाव लडेगी और इस उपचुनाव की सारी कमान गीता धामी ने जिस तरह से संभाल रखी है उससे चम्पावतवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की पत्नी का विशाल हृदय देखकर हर इंसान एक ही संकल्प ले रहा है कि ईवीएम में कमल के अलावा कुछ दिखाई न दें।
उल्लेखनीय है कि पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत से उपचुनाव लडने के लिए जबसे नामांकन दाखिल किया है तबसे वह जब भी चम्पावत पहुंचे तो वहां जनसैलाब उनके साथ उमड आया लेकिन वह अपने उपचुनाव पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं और उनका एक ही मिशन है कि वह समूचे राज्य के मुख्यमंत्री हैं तो उनका दायित्व राज्य को विकास के पथ पर ले जाना है। चम्पावत में उपचुनाव का काउंन डाउन शुरू हो चुका है और वहां की चुनाव कमान मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी ने संभाल रखी है। गीता धामी अपने पति की बडी जीत दर्ज कराने के लिए चम्पावत के चुनावी रण को खुद लड रही हैं और वह जिस तरह से चम्पावत का स्वर्णीम अध्याय लिख रही हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि जहां अपने पति पुष्कर सिंह धामी की बडी जीत का सफर आसान कर रही हैं वहीं राज्य के विकास को सर्वोपरि बनाने का वह आवाम के साथ संकल्प ले रही हैं। चम्पावत में वह जहां भी कदम रख रही हैं उनमें पुष्कर सिंह धामी जैसा सौम्य रूप ही देखने को मिल रहा है जिसको देखते हुए चम्पावत की जनता भी यह देखकर हैरान है कि पुष्कर सिंह धामी की पत्नी कितनी सरल और सौम्य व्यवहार की महिला हैं। गीता धामी ने चम्पावत के चप्पे-चप्पे पर जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी के नाम का डंका बजवाया है उसे देखकर आवाम और भाजपा के नेता भी हैरान हैं कि किस तरह से गीता धामी ने अपने पति की जीत को एतिहासिक जीत बनाने का प्रण लेकर चम्पावत की रणभूमि को खुद संभाल रखा है।

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