दिलांे में राज करता सीएम

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में मात्र दस माह के भीतर राज्य के मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा जिस तरह से अपने कदम आगे बढाये हैं और उन्होंने अपना दरबार हर व्यक्ति के लिए खोल रखा है उसी का परिणाम है कि अपना दर्द लेकर जो भी व्यक्ति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पहुंचा उसे दयावान मुख्यमंत्री ने उन्हें इंसाफ दिलाया और उनकी हर पीडा को दूर किया जिसके चलते राज्यवासियों के मन में पुष्कर सिंह धामी को लेकर जो विश्वास पैदा हुआ है वह उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहा है कि किसी मुख्यमंत्री को आवाम दिल से सैल्यूट कर रहा है और मुख्यमंत्री ने जिस तरह से सभी सरकारी विभागों में अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर किसी भी व्यक्ति को अनुचित तरीके से तंग किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। वहीं चम्पावत में जिस तरह से चारो ओर एक ही शोर मचा हुआ है कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हृदय सम्राट हैं उससे राज्य के अन्दर एक बहस छिड गई है कि हृदय सम्राट की ख्याति हासिल करने वाले पुष्कर सिंह धामी को एक लम्बे युग तक कांग्रेस कोई चुनौती नहीं दे पायेगी? पुष्कर सिंह धामी को चम्पावत की जनता ने जिस तरह से अपना हृदय सम्राट मानकर उन्हें चुनाव में एतिहासिक जीत दिलाने का संकल्प लिया हुआ है उससे साफ नजर आ रहा है कि उत्तराखण्ड का भविष्य अब एक सुरक्षित हाथों में आ चुका है और ऐसे हृदय सम्राट के राज में न तो आवाम को भ्रष्टाचार का दंश झेलना पडेगा और न ही माफियागिरी करने वाला सिंडिकेट आवाम को अपनी ताकत का डर दिखा पायेगा क्योंकि पुष्कर सिंह धामी की किचन टीम में जो ईमानदार अफसर तैनात हैं वह न तो भ्रष्टाचार सहन करते हैं और न ही वह राज्य के किसी भी इलाके में माफियागिरी को सहन करेंगे इसलिए अब पुष्कर राज को हिला पाना एक लम्बे युग तक विपक्ष के बस का नजर नहीं आता?
उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने की जिन आंदोलनकारियों ने लम्बी लडाई लडी थी उनके मन में पिछले इक्कीस वर्षों से एक ही आक्रोश देखने को मिल रहा था कि आखिरकार क्या उन्होंने इसलिए उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने की लडाई लडी थी कि काफी सफेदपोश और राज्य में तैनात दर्जनों अफसर एक सिंडिकेट बनाकर भ्रष्टाचार का खुला तांडव करते रहे? दस माह पूर्व राज्य के अन्दर एक ऐसे युवा विधायक का मुख्यमंत्री पद पर उदय हुआ जिसे लेकर हर कोई यही बयानबाजी करने में जुटा हुआ था कि जिस पुष्कर सिंह धामी को आज तक भाजपा ने अपनी सरकार में मंत्री तक नहीं बनाया वह मुख्यमंत्री बनकर क्या कर लेंगे? ऐसी सोच रखने वाले लोगों को उस समय गहरा झटका लगा जब पहली बार पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तो उन्होंने जिस सौम्य और विशाल हृदय रखकर गरीब से गरीब इंसान को अपने सीने से लगाने का काम किया उसने उत्तराखण्ड की राजनीति में एकाएक उन सभी आशंकाओं को चूर-चूर कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री पद नहीं संभाल पायेंगे? पुष्कर सिंह धामी ने छह माह के भीतर जिस तरह से राज्यवासियों का दिल जीतकर इक्कीस सालों से चले आ रहे सत्ता वापसी के मिथक को हवा-हवाई कर दिया वहीं उन्होंने राज्य में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर यह साबित कर दिया कि अगर एक राजनेता में स्वच्छता के साथ सरकार चलाने की इच्छाशक्ति हो तो हर इंसान ऐसी सरकार को अपने से दूर नहीं कर सकता। पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार जब मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तो उन्होंने अपना विजन साफ करते हुए कहा कि राज्य के अन्दर भ्रष्टाचार करने वालों को अब इसका खामियाजा भुगतना पडेगा क्योंकि उनकी सरकार पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ काम करेगी। पुष्कर सिंह धामी ने अपनी किचन टीम में बेहद ईमानदार अफसरों को शामिल कर यह संदेश समूचे राज्य में दे दिया कि अब तक राज्य के अन्दर जो कुछ होता रहा है वह अब उनके शासनकाल में नहीं होगा क्योंकि पुष्कर सिंह धामी की किचन टीम के अफसरों को भ्रष्टाचार के नाम से ही नफरत है और वह एक-एक भ्रष्टाचारी के खिलाफ आने वाले समय में एक्शन लेंगे इसमें कोई शंका नहीं है। चम्पावत में होने वाले उपचुनाव को लेकर चप्पे-चप्पे पर एक ही शोर मचा हुआ है कि पुष्कर सिंह धामी हृदय सम्राट हैं और वह चम्पावत मे ंइतनी बडी जीत हासिल करेंगे जिसका अनुमान शायद लगाना मुश्किल है। पुष्कर सिंह धामी को राज्य मे ंजहां महानायक और हृदय सम्राट की उपाधि दी जा रही है उसके पीछे आवाम का पुष्कर सिंह धामी पर एक अटूट विश्वास ही दिखाई दे रहा है और उनका मानना है कि इक्कीस सालों से वह जिस भ्रष्टाचार को सहते-सहते थक गये थे अब उस भ्रष्टाचार की काली छाया का अंत उत्तराखण्ड के हृदय सम्राट बन चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जरूर करेंगे।

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