चारधाम में आने वाला श्र(ालु मेरा अपना

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देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का आशीर्वाद लेकर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी ने जिस सोच के साथ अपने कदम आगे बढाने शुरू किये हैं उससे उत्तराखण्ड भाजपा के बडे-बडे दिग्गजों की भी नींद उड गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुष्कर सिंह धामी जिस धाकड शैली से राज्य के विकास को आगे बढाने के मिशन में लगे हुए हैं उससे प्रधानमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सत्ता चलाने की शैली से बेहद प्रसन्न हैं और यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी को अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों की भांति बडे-बडे फैसले लेने के लिए दिल्ली दरबार में नहीं जाना पडता और वह फ्रीहैंड होकर सत्ता चलाते हुए नजर आ रहे हैं उससे राज्यवासियों के मन में पुष्कर सिंह धामी को लेकर एक बडा विश्वास पैदा हुआ है और वह एक स्वर में यह कहते नहीं थक रहे हैं कि अगर राज्य को ऐसा मुख्यमंत्री पहले मिल गया होता तो आज उत्तराखण्ड की काया ही बदल जाती। उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा उफान पर है और पुष्कर सिंह धामी के संकल्प पर विश्वास कर लाखों श्रद्धालु चारोधाम में दर्शन के लिए उमड रहे हैं और यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी ने साफ संकेत दे दिया है कि यात्रा में आये श्रद्धालुओं की दिक्कत दूर करने के लिए कुछ भी करूंगा मैं की शैली पर बडे-बडे फैसले लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं और उनके इस फैसले से उत्तराखण्ड में आये लाखों श्रद्धालु पुष्कर ंिसह धामी को एक बडे नायक के रूप में सैल्यूट कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म था कि दो वर्षों से चारधाम यात्रा कोरोना के चलते नहीं चल पाई थी जिसके चलते उन्होंने अपनी किचन टीम के साथ मिलकर देश के करोडो श्रद्धालुओं को संदेश भेजा कि वह उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में आयें जहां उनका आदर-सत्कार भव्य रूप से होगा और उन्हें किसी भी धाम में दर्शन करने के दौरान कोई दिक्कत नहीं होगी। पुष्कर सिंह धामी के इस संकल्प पर बडा विश्वास कर दो साल से यात्रा में न आने वाले श्रद्धालु उत्तराखण्ड की ओर अपने कदम बढा गये और जिस संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ उसे देखकर साफ दिखाई दे गया कि देश के करोडो श्रद्धालुओं ने पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा विश्वास दिखाकर चारधाम यात्रा करने का निश्चय किया और वह उत्तराखण्ड आ गये। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में आये कुछ श्रद्धालुओं की पुरानी बीमारी से हुई मौत के बाद ऐसा शोर मचाया गया जैसे पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने मे ंफेल हो चुके हैं? पुष्कर सिंह धामी एक ऐसे मुख्यमंत्री बने हुये है जो चौबीस घंटे चारधाम यात्रा पर अपनी पैनी नजर बनाये हुये हैं और उन्होंने यह भी साफ किया कि उत्तराखण्ड के अन्दर जिन श्रद्धालुओं की मौत हुई है वह पुरानी बीमारी के चलते हुई है लेकिन इसके बावजूद भी पुष्कर सिंह धामी ने एक धाकड मुख्यमंत्री का रूप धारण करते हुए जिस तरह से चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले वीआईपीयों की एंट्री बैन की है वह चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बडा सुखद संदेश रहा और उनके मन में मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर एक बडा विश्वास दिखाई दिया कि पुष्कर सिंह धामी किस तरह से चारधाम यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मंथन व चिंतन कर रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा में आये श्रद्धालुओं की हर दिक्कत को दूर करने के लिए उसी शैली में बडे-बडे फैसले लिये जिसमें वह कह रहे हैं कि श्रद्धालुओं के लिए कुछ भी करेगा मैं। पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम में वीआईपीयों की एंट्री पर बैन लगाने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का भी दुबई से आने का इंतजार नहीं किया और दो मंत्रियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें एक टास्क सौंपा कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य, ठहरने से लेकर दर्शन करने में कोई दिक्कत न आये। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह पुष्कर सिंह धामी के सत्ता चलाने से कितने प्रसन्न है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा में आई अपार भीड को लेकर प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से बात की तो आनन-फानन में चारधाम में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवानों को तैनात कर दिया गया जिससे कि देश-विदेश से आने वाले एक भी श्रद्धालु को किसी बात की दिक्कत न हो। चारधाम यात्रा को अपना मिशन मानकर जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जो खाका खींचा है उससे पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं में एक बडे महानायक बन गये।

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