देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अल्प कार्यकाल में जिस तरह से राज्य के अन्दर विकास का डंका बजाना शुरू किया है उससे विपक्ष उनके बढते कदम से भयभीत नजर आ रही है और उनके सामने अपनी भविष्य की राजनीति को लेकर भी एक बडी चिंता दिखाई दे रही है? चम्पावत में मुख्यमंत्री को उपचुनाव लडना है और इसके लिए चुनाव आयोग ने तारीख का ऐलान भी कर दिया। चम्पावत में हर तरफ धामी ही धामी सुनाई दे रहा है क्योंकि चम्पावत की जनता को इस बात का आभास है कि उनके जनपद से उपचुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चम्पावत की सूरत ही बदल देंगे क्योंकि कुछ समय पूर्व ही मुख्यमंत्री ने चम्पावत में विकास को लेकर एक बडा खाका खिंचते हुए वहां की जनता को संदेश दिया है कि अब चम्पावत के हर इलाके में विकास ही विकास नजर आयेगा। पुष्कर सिंह धामी ने अपने चुनाव की कमान वहां के पूर्व विधायक कैलाश गहतोडी को सौंप रखी है और वहां का माहौल जिस तरह से धामीमय हो चुका है उसको देखते हुए पुष्कर सिंह धामी से उपचुनाव में कांग्रेस का कौन नेता भिडे इसको लेकर कांग्रेस के अधिकांश बडे नेता कंफ्यूज नजर आ रहे हैं?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भले ही खटीमा की जनता ने विधानसभा चुनाव में हरा दिया लेकिन राज्य के अधिकांश जिलों में जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी का जादू आवाम के सिर पर चढकर बोला वह किसी से छिपा नहीं है। उत्तराखण्ड में पुष्कर ंिसह धामी का राजनीतिक कद इतना विशाल हो चुका है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुष्कर सिंह धामी का सत्ता चलाने का अंदाज जहां राज्य की जनता को एक बडी राहत देने के मिशन में दिखाई दे रहा है वहीं विपक्ष के कई बडे-बडे नेता भी पुष्कर सिंह धामी के सत्ता चलाने के अंदाज को सैल्यूट कर रहे हैं और यही कारण है कि पुष्कर ंिसह धामी के अब तक के दस माह के कार्यकाल में विपक्ष को तिनकाभर भी सरकार पर हमला बोलने का मौका नहीं दिया। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि जब भी मुख्यमंत्री ने अफसरों के तबादलों को हरी झंडी दी तो उस पर कोई उंगली तक नहीं उठा पाया और आवाम को इस बात का खुलकर आभास हो गया कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के तहत सत्ता चलाने की दिशा में आगे बढ रही है। उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी को एक बडे महानायक के रूप में देखा जा रहा है और राज्य की जनता को विश्वास है कि पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में रात-दिन एक किये हुये हैं। नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारघाटी को एक भव्य रूप देने के लिए पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। चम्पावत में मुख्यमंत्री का उपचुनाव होना है और यह चुनाव 31 मई को होना तय हो चुका है और चम्पावत की जनता तो चुनाव से पूर्व ही पुष्कर सिंह धामी को अपने जनपद का विधायक घोषित कर रही है? चम्पावत की जनता को इस बात का इल्म है कि जो मुख्यमंत्री जिस विधानसभा सीट से चुनाव लडता है उसका विकास तो अपने आप ही होना तय है इसलिए इस बात में कोई शंका नहीं कि पुष्कर सिंह धामी चम्पावत के चुनाव में अभूतपूर्व मतों से नहीं जितेंगे? पुष्कर सिंह धामी ने अपने दस माह के कार्यकाल में जिस तरह से आवाम का दिल जीता और भाजपा को राज्य के अन्दर एक बार फिर सत्ता दिलाई तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुष्कर ंिसह धामी ने राज्य की जनता के मन में अपनी कितनी बडी जगह बना ली है। कांग्रेस को दस माह के भीतर पुष्कर सिंह धामी ने ऐसा कोई मुद्दा नहीं दिया जिससे वह पुष्कर सरकार पर राजनीतिक हमला कर सकें और यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी से चम्पावत में उपचुनाव में कांग्रेस का कौन नेता उनसे भिडेगा इसको लेकर अभी कांग्रेस कंफ्यूज नजर आ रही है? कांग्रेस के अन्दर यह भी चर्चा है कि चम्पावत से दो बार चुनाव हार चुके हेमेश खर्कवाल भी पुष्कर सिंह धामी से चुनावी युद्ध लडने के लिए सम्भवत: आगे नहीं आयेंगे क्योंकि हाल ही में हुये विधानसभा चुनाव में उन्हें चम्पावत में हार का सामना करना पडता था और अब तो यह चुनाव राज्य के मुख्यमंत्री बनाम कांग्रेस के किसी नेता से होना है और इसका परिणाम भले ही तीन जून को आयेगा लेकिन राज्य की जनता को इल्म है कि इस चुनाव का परिणाम महानायक बन चुके पुष्कर सिंह धामी के पक्ष में ही आयेगा?
