चारधाम यात्रा को यादगार बनाने के मिशन में सीएम

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को भव्य रूप देने के लिए अपना प्लान समूचे सिस्टम को समझा दिया है और उन्हें साफ संदेश दिया गया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस बात का आभास हो कि वह उत्तराखण्ड देवभूमि में यात्रा के लिए आये हैं और उन्हें तिनकाभर भी किसी बात की दिक्कत व परेशानी न हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस विजन के तहत चारधाम यात्रा को अभूतपूर्व बनाने का संकल्प लिया है उससे चारधाम मार्ग पर व्यापार करने वाले व्यापारियों से लेकर टैक्सी संचालकों को एक अद्भूत खुशी का अनुभव हो रहा है।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने में कुछ वक्त रह गया है ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पूरा फोकस आगामी चारधाम यात्रा पर है मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार यात्रा का अनुभव रामराज्य की तरह होना चाहिए सड़कों से लेकर रोकने खाने पीने की व्यवस्था है और मंदिरों में श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए इसके लिए बाकायदा पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि रोज चारधाम यात्रा से जुड़ी तैयारियों की अधिकारी मॉनिटरिंग करें और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का पालन जमीन पर हो सके इसके लिए भी पूरी तैयारियां कर ली हैं उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को लेकर हमेशा से परेशानियां से जुड़ी खबरें और यात्रियों के फीडबैक बाहर आते रहे हैं लेकिन इस बार सब कुछ ठीक रहा तो यात्रा बेहद यादगार रहेगी पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और साहसिक पर्यटन दो ही सबसे बड़े राजस्व के स्रोत है ऐसे में हमें यह याद रखना होगा कि चारधाम यात्रा इस बार कोविड-19 काल के बाद पूरी तरह से चलेगी ऐसे में अभी से लोगों ने होटल टैक्सी बुक करवानी शुरू कर दी है लिहाजा सरकार इस बात का बेहद ध्यान रखेगी कि उत्तराखंड और उत्तराखंड के चारधामों के प्रति लोगों की जो आस्था है उस को बरकरार रखना होगा पुष्कर सिंह धामी चार धाम यात्रा से पहले एक बार खुद केदारनाथ और बद्रीनाथ जाकर तैयारियों का जायजा भी लेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस दिन से मुख्यमंत्री बने हैं उस दिन से उत्तराखंड से जुडी हर परियोजना और उत्तराखंड कैसे आगे बढ़ सकता है उसको लेकर ना केवल सोच रहे हैं बल्कि कदम दर कदम आगे भी बढ़ रहे हैं लोगों को लगता है कि अगर इसी तरह से धामी काम करेंगे तो उत्तराखंड 2०25 तक देश के उन राज्यों में से एक होगा जिसकी मिसाल ना केवल भारत के अन्य राज्यों में दी जाएगी बल्कि बाहर भी उत्तराखंड का जिक्र होगा एजुकेशन से लेकर धार्मिक पर्यटन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मौजूदा उत्तराखंड सरकार जिस तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है उससे राज्य को आने वाले समय में बेहद फायदा हो सकता है बशर्ते ध्यान इतना रखना होगा कि पुष्कर सिंह धामी जो प्लान बना रहे हैं उसको अमलीजामा पहनाने के लिए अधिकारियों को भी उनके साथ धरातल पर काम करना पड़ेगा।

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