खानपुर(संवाददाता)। नगला बाईपास पर उमेश कुमार का काफिला नगला इमरती की ओर बढ़ रहा था । खानपुर विधायक उमेश कुमार की नजर अचानक सड़क दुर्घटना में घायलों पर पड़ी तो तुरंत उमेश कुमार अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और घायलों का हालचाल जाना। यही नही उमेश कुमार के दुवारा घायलों को खुद अपने हाथों से पानी पिलाया और उन्हें अस्पताल पहुंचवाया। विधायक की इस दरियादिली का नजारा सडक से गुजर रहे लोगों ने देखा तो उनका एक ही कहना था कि अगर सभी विधायक उमेश कुमार जैसे बन जायें तो उत्तराखण्ड वास्तव में एक आदर्श उत्तराखण्ड बन जायेगा। उमेश कुमार की यह दरियादिली पहली बार नहीं दिखाई दी बल्कि पहाडों में इलाज कराने में असमर्थ लोगों को उन्होंने जिस तरह से दवाईयां और इलाज के लिए हमेशा पैसे से मद्द की वह किसी से छुपा नहीं है लेकिन उन्होंने कभी भी इसका प्रचार करने के लिए अपने कदम आगे नहीं बढाये। उमेश कुमार जिस जज्बे के साथ आगे बढने लगे हैं उससे लोगों के मन में उनको लेकर एक बडी आशा की किरण नजर आ रही है और सबका एक ही स्वर में मानना है कि जिस उमेश कुमार ने पत्रकार रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने में अपने परिवार के सदस्यों पर मुकदमें सहे, अपनी सम्पत्तियां तुडवाई और जिस तरह से एक के बाद एक दर्ज किये गये मुकदमों के बाद उन्हें दून जेल में जहर देने की साजिश रची गई वह उमेश कुमार विधायक बनने के बाद राज्य में पनप रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बडी जंग लडेंगे इस पर सबकी नजरें हैं क्योंकि उन्होंने साफ कह दिया है कि वह भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगेे चाहे उसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पडे।
