सीएम तो पुष्कर ही होंगे!

0
111

संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि जिस राजनैतिक दल की सत्ता ने प्रदेश के अंदर प्रचंड बहुमत हासिल किया उसके चंद मंत्री व आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने भीतरघात के चलते खटीमा से चुनाव हारने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी सीट खाली करने और उन्हें एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाये जाने की खुली वकालत कर दी। पुष्कर सिंह धामी ने छह माह के भीतर जिस तरह से राज्य के अंदर भाजपा की सत्ता लाने के लिए एक बडा करिश्मा किया उससे राज्य के अंदर एक ही बहस चल रही है कि राज्य का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही होना चाहिए जिसने सत्ता को चलाने के लिए सेवक बनकर आवाम का दिल जीता और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की विकास योजनाओं को पहाड के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया। उत्तराखंड के अधिकांश सांसदों ने जिस तरह से राज्य में भाजपा को मिली प्रचंड जीत का ताज पुष्कर सिंह धामी को पहनाने की वकालत की है उससे राज्यवासियों को आशा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सखा पुष्कर सिंह धामी को एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी हरी झंडी देंगें। दिल्ली में आज भाजपा के सातों सांसदों की नरेन्द्र मोदी और जे पी नड्डा से हुई मुलाकात के बाद उत्तराखंड के गलियारों में यही आवाज सुनाई दे रही है कि शायद सभी सांसदों ने पुष्कर सिंह धामी को एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाये जाने के लिए अपनी सिफारिश की है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के अंदर कांग्रेस राज्य में सत्ता पर राज करने का बडा सपना देख रही थी और उसे उम्मीद थी कि राज्य की जनता भाजपा को सरकार से महरूम करेगी। हालांकि मुख्यमंत्री की कमान जैसे ही भाजपा हाईकमान ने युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को सौंपी थी तो देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन करके फिर यह संदेश दिया था कि वह जिस कुर्सी पर आसीन हुए है वहां पहुंचने में बडों बडों की उम्र बीत जाती है। देश के प्रधानमंत्री का यह संदेश पुष्कर सिंह धामी ने एक आशीर्वाद के रूप में स्वीकार किया और उसके बाद उन्होंने राज्य की जनता के बीच रात दिन जाकर उनके दिलों को जिस तरह से जीतने का मिशन शुरू किया उसने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की नींद पहले से ही उडा दी थी।
पुष्कर सिंह धामी ने अपनी स्वच्छ राजनीति से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नडडा का दिल जीत लिया था। सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी ने अपने छह माह के कार्यकाल में बार बार सैनिकों के बीच जाकर उनका हौसला बढाया और उनके साथ गीत और नृत्य करके उन्हें देश की शान बताया तो उससे सैनिक परिवारों में भाजपा को लेकर एक बडी उम्मीद जग गई।
पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव में अपनी विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव को लावारिस छोड़ दिया और रात दिन सभी विधानसभाओं में वह पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए नुक्कड सभायें, घर घर जाकर प्रचार करने का जिस तरह से हौसला दिखाया उसी का परिणाम था कि राज्य में भाजपा को अप्रत्याशित जीत मिली लेकिन अपनों के भीतरघात से पुष्कर सिंह धामी हार गये जिसका पता भाजपा हाईकमान को भी है इसलिए यह तय है कि राज्य की कमान नरेन्द्र मोदी अपने सखा पुष्कर सिंह धामी को फिर सौंपकर उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने के लिए पुष्कर सिंह धामी को आगे करेंगें।

LEAVE A REPLY