उत्तराखण्ड भाजपा सांसद बोल रहे भाजपा जीत के नायक हैं धामी

0
118

आवाम की नजर मेंः पुष्कर ही राजनीति के रियल हीरो
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में किसी भी राजनीतिक दल ने इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि पुष्कर सिंह धामी अपनी सफल रणनीति के बावजूद भाजपा को एक बार फिर सत्ता दिला देंगे। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका समूचे विश्व में जादू चल रहा है उन्होंने पुष्कर ंिसह धामी की स्वच्छ राजनीति को परखने के बाद उन्हें अपना खुला आशीर्वाद दे रखा था और कुमांऊ में भी मंच से ऐलान किया था कि पुष्कर सिंह धामी ने जिस विजन के साथ उत्तराखण्ड को आगे बढाया है उसी के चलते उन्हें राज्य का फिर मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। भले ही पुष्कर सिंह धामी खुद एक बडे भीतरघात के चलते चुनाव हार गये लेकिन उनकी सफल और कुशल राजनीति के चलते उत्तराखण्ड में एक बार फिर भगवा रंग छा गया। पुष्कर सिंह धामी की हार के बाद उत्तराखण्डवासियों व भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को उस दोहराये पर लाकर खडा कर दिया कि वह राज्य मंे आई भाजपा की सत्ता का जश्न मनाये या फिर पुष्कर सिंह धामी की भीतरघात से हुई हार का मातम? उत्तराखण्ड के अन्दर एक बडी आवाज सुनाई दे रही है कि जिस पुष्कर सिंह धामी ने बीस सालों से चले आ रहे सत्ता वापसी के मिथक को तोड़ दिया उसी पुष्कर सिंह धामी को भाजपा हाईकमान राज्य का मुख्यमंत्री बनाये क्योंकि पुष्कर सिंह धामी के अन्दर सत्ता का तिनकाभर भी घमंड कभी देखने को नहीं मिला जबकि भाजपा के बडी संख्या में विधायकों के हंकार को लेकर राज्य की जनता बडी नाराज चली आ रही थी और उनका इस विधानसभा चुनाव में जीतना नामुमकिन नजर आ रहा था लेकिन नरेन्द्र मोदी और पुष्कर ंिसह धामी की जुगल जोडी ने उत्तराखण्ड के अन्दर एक बार फिर भाजपा को प्रचंड बहुमत की सरकार का तोहफा दे दिया। पुष्कर सिंह धामी को फिर मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने अपनी सीट खाली करने का ऐलान कर दिया और उत्तराखण्ड के भाजपा सांसद भी खुले रूप से स्वीकार कर रहे हैं कि मात्र छह माह के भीतर जिस पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए दिन-रात एक कर दिया उस जीत का असली महानायक पुष्कर सिंह धामी ही है। सांसदों का पुष्कर ंिसह धामी के प्रति यह विश्वास यह बताने के लिए काफी है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा पुष्कर ंिसह धामी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाये जाने के लिए कभी भी अपनी हरी झण्डी दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के अन्दर जब पुष्कर सिंह धामी को मात्र छह माह के लिए राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया और उन्हें भाजपा की सरकार दुबारा सत्ता में लाने का लक्ष्य दिया गया तो पुष्कर सिंह धामी ने कांटो भरा ताज अपने सिर पर बांधने में कोई हिचकिचाहट नहीं की और न ही यह सोचा कि अगर वह उत्तराखण्ड में भाजपा की सरकार दुबारा सत्ता मंे न ला पाये तो उनके राजनीतिक जीवन में एक बडा ग्रहण लग सकता है? भाजपा हाईकमान के दिये लक्ष्य को पूरा करने के लिए पुष्कर सिंह धामी ने जिस नम्रता और स्वच्छता के साथ सरकार चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये उससे राज्यवासियों के मन मे ंपुष्कर सिंह धामी को लेकर एक बडी उम्मीद बंध गई और वह यह सोचने को मजबूर हो गये कि क्या कोई मुख्यमंत्री ऐसा भी हो सकता है जो गरीब लोगों को अपने सीने से लगाने से पीछे नहीं हटता। पुष्कर सिंह धामी के हाथ मंे जब फैक्चर हुआ तो ऐसी आशंका उठी कि मुख्यमंत्री कुछ दिन आराम करेंगे लेकिन पुष्कर सिंह धामी के मन में हर सैकेण्ड भाजपा हाईकमान को दिये गये वचन की वह याद ताजा रखते रहे और हाथ में पलस्तर बंधवाकर वह रात-दिन भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में जुट गये। शुरूआती दौर से ही यह आशंका उठ रही थी कि अगर पुष्कर सिंह धामी ने अपनी खटीमा सीट पर ध्यान न दिया तो उनके साथ बडा भीतरघात हो सकता है और उन्हें चुनाव हारना पड जायेगा लेकिन इन सभी आशंकाओं को जानने के बावजूद भी पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सीट को सुरक्षित करने के बजाए राज्य में एक बार फिर भगवा रंग फहराने के लिए सभी प्रत्याशियांे के लिए चुनाव प्रचार में अपनी ताकत झोंक दी। पुष्कर ंिसह धामी की रणनीति के चलते ही देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के अन्दर चुनाव के आखिरी समय में कुछ चुनावी रैलियां कर आवाम के मन में ऐसा जादू पैदा कर दिया जिससे राज्यवासियों ने प्रत्याशियों को जिताने के बजाए देश के प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करने के लिए सिर्फ उनके नाम पर ही अपना मतदान किया और वो आशंकित विधायक भी जीत गये जिन्हें यह डर था कि वह चुनाव हारेंगे? पुष्कर ंिसंह धामी राजनीति के एक बडे योद्धा के रूप में दिखाई दिये जिन्होंने राज्य में सत्ता तो हासिल कर ली लेकिन उन्हें भीतरघात के चलते हरवा दिया गया? हालांकि भाजपा के आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने ऐलान किया है कि वह पुष्कर ंिसह धामी के लिए अपनी सीट खाली करने के लिए तैयार हैं। वहीं भाजपा के सांसदों ने भी एक स्वर में स्वीकारा है कि भाजपा की ऐतिहासिक जीत पुष्कर ंिसह धामी की मेहनत का परिणाम है।

भाजपा की जीत में धामी की बडी सहभागिता
उत्तराखण्ड के सांसद व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि उत्तराखण्ड में जो इतना भारी बहुमत मिला है। हमने पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर चुनाव लडा और भारी बहुमत आया। उन्होंने कहा कि इस जीत में पुष्कर ंिसह धामी की बहुत बडी सहभागिता है उसके चेहरे पर लोगों ने मतदान किया है उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आकृषण था वहीं मोदी की विशाल कल्याणकारी योजनाओं को पुष्कर ंिसह धामी के नेतृत्व मंे नीचे तक लेकर गये गांव-गांव तक लेकर गये आखिरी आदमी तक लेकर गये उसी का परिणाम है कि भाजपा की 47 सीटें आई हैं और पुष्कर की मेहनत को नकारा नहीं जा सकता।

हम सबकी इच्छा धामी फिर बने सीएम
भाजपा सांसद अजय टम्टा ने कहा है कि पुष्कर सिंह धामी ने मात्र छह माह के भीतर जिस तरह से सभी विधानसभाओं में भाजपा कार्यकर्ता का मनोबल बढाया और आमजनमानस के मनोबल को बढाया उसी का परिणाम है कि राज्य में भाजपा की प्रचंड जीत हुई। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी को जितना समय अपनी विधानसभा में देना चाहिए था वह समय उन्होंने राज्य के हर जिले में प्रचार व प्रवास में बिताया और विधायकों को जिताने में टोली बनाने में सभाओं में प्रत्याशियों की जीत के लिए आवाम को भाजपा के पक्ष में मतदान करने व्यतीत हुआ। उन्होंने कहा कि मेरी राय है कि जिस तरह से आम जनमानस में मात्र छह माह के भीतर पुष्कर सिंह धामी का ग्राफ बडा है और हम लोग भी इस बात को स्वीकारते हैं हमारी भी इच्छा है कि भले ही सेनापति हार गये लेकिन सेना को जीता दिया। उच्च नेतृत्व लगता है कि विधान मण्डल दल के फैसले के बाद सबकी इच्छानुसार जनमानस की इच्छानुसार धामी को पुनः मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।

 

धामी को सीएम बनाने के लिए मन्दिरों में मांग रहे मन्नतें
उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी एकमात्र ऐसे राजनेता बनकर उभरे हैं जो चुनाव हारकर भी राज्यवासियांे के दिल में एक बडे हीरो बन गये हैं। सोशल मीडिया पर भीतरघातियों के खिलाफ उबाल है कि आखिरकार जिस राजनीति के महानायक पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में मात्र छह माह के भीतर सत्ता वापसी करा दी उन्हें हराने वालों के चेहरे उजागर होने चाहिए क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य का चौतरफा विकास करने का मिशन सौंपा हुआ है तो उस मिशन पर ग्रहण लगाने के लिए आखिरकार पार्टी के कुछ राजनेताओं ने क्यों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा पुष्कर ंिसह धामी के साथ भीतरघात कर उन्हें डसने का काम किया है। उत्तराखण्ड में कभी किसी ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस पुष्कर सिंह धामी को आज तक भाजपा सरकार में मंत्री तक नहीं बनाया गया उस धामी ने मुख्यमंत्री बनकर जिस तरह से राज्य की जनता के दिलों का मात्र छह माह के भीतर ही जीत लिया उससे बडा राजनेता और कौन हो सकता है? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सरकारी आवास हमेशा हर इंसान के लिए खुला है वह उनकी एक बडी सोच को उजागर करता रहा है अब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को फिर सत्ता में लाने के लिए लोग उत्तराखण्ड के अलग-अलग जनपदों में पूजा अर्चना कराकर भगवान से आशीर्वाद मांग रहे हैं कि धामी को उत्तराखण्ड के विकास के लिए एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाया जाये।

LEAVE A REPLY