फैसला सुरक्षित तो मंत्री को क्लीन चिट की कैसे मिली जानकारी
देहरादून(नगर संवाददाता)। युवा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष व अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने कहा है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में उच्च न्यायालय तक का अपमान करने से भी नहीं चूके है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने हाल में किया है वह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला हैै। उन्होंने जो कृत्य किया है वह संविधान की हत्या के समान है और आठ तारीख को आय से अधिक संपत्ति के मामले को विजिलेंस ने खारिज कर दिया था।
यहां उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बाद में पक्ष व विपक्ष के अधिवक्ताओं के पक्ष को न्यायालय ने सुना और फैसला सुरक्षित रख लिया और 11 तारीख को मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने खुद ही अपने पक्ष में फैसला आने की बात कही और खुद ही क्लीन चिट दे दी और इसमें हमने विरोध किया देखा कि फैसला तो सुरक्षित है तो यह लोकतंत्र की हत्या संविधान की हत्या करने के समान है। उन्होंने कहा कि क्योंकि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष सत्ता से परेशान होकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का अहम योगदान है कि लोकतंत्र को स्थापित करने के लिए बचाने के लिए या आखिरी पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सोचना है कि जब मेरे पास कोई विकल्प नहीं रहेगा तो वह भी कोर्ट में चले जाऊंगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका मेरी रक्षा करेगी, परंतु इन्होंने जो कृत्य किया है वह न्यायपालिका का अपमान व लोकतंत्र की हत्या व संविधान की हत्या करने का काम किया है।
क्षेत्री ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले का संज्ञान लेने के साथ ही मंत्री का इस्तीफा लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर मंत्री का तत्काल इस्तीफा लेने की बात कही है और इसकी विधायकी समाप्त करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि क्योंकि नैतिकता से नीचे जाकर क्योंकि नैतिकता तो इनमें बची नहीं है। उन्होंने कहा कि परंतु उच्च न्यायालय की अवहेलना की है। उन्होंने कहा कि आगे न्यायिक की कार्रवाई कंटेंम्ट की कार्रवाई में जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनहित याचिका देंगे और न्यायालय की शरण में तो जाएंगे लेकिन यह जो नैतिकता की दुहाई देते है। जो डबल व ट्रिपल इंजन की बात करते है। सुचिता की बात करते है वह हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री कहां है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खुद को ही न्यायालय से ऊपर समझता है और खुद को क्लीन चिट दे देता है और खुद ही न्यायालय के निर्णय को पहले ही बता देता है। क्षेत्री ने कहा है कि 15 तारीख को न्यायालय ने इस बात का संज्ञान लिया।
उन्होंने कहा कि इस मामले को अगली बैंच को सौंप दिया जो इस मामले में सुनवाई करेगी। यह फैसला अगली को सौंप दिया है लेकिन गणेश जोशी ने जो कृत्य किया है माफी लायक नहीं, न्यायालय का अपमान है अवहेलना है। उन्होंने कहा कि साथ ही साथ संविधान की हत्या व लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि इसलिए आज उनके इस्तीफे की तत्काल प्रभाव से मांग करते है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मांग करते है कि यदि उनकी नहीं सुनी गई तो सड़क पर आंदोलन किया जाएगा और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। फैसला सुरक्षित था तो नई बैंच आएंगी तो नए सिरे से सुनवाई होगी या वही फैसला सुनाएगी। उन्होंने कहा कि फैसला मंत्री के पास कैसे आया और न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने का काम मंत्री ने किया है। सेनि ब्रिगेडियर डंगवाल ने कहा है कि मंत्री गणेश जोशी ने संसाधनों को लूटने काम किया है। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम की घटना शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा कि देश व अपने संविधान के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम भ्रष्टाचार में लिप्त है।
उन्हांेने कहा कि मंत्री का आय से अधिक संपत्ति का मामला भी सैन्यधाम से जुड़ा हुआ है। विधिक व संवैधानिक प्रक्रिया का हनन किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा है कि लोकतंत्र जनता के द्वारा स्थापित किया जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान का माखौल उडाने का काम एक ऐसे पद पर बैठे कैबिनेट मंत्री करता है। उन्होंने कहा कि यह भी कहा गया है कि मामले को दूसरी बैंच को दिया जाए वह व्यक्ति उस कुर्सी पर कैसे बैठा है और जो आर्डर उनके पास आया है कहां से आया किसने भेजा इसकी जांच होनी चाहिए कुर्सी से हटाया जाए और इस्तीफा नहीं देते है तो बर्खास्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार गणेश जोशी को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तत्काल मंत्री को बर्खास्त किया जाए। पत्रकार वार्ता में सेनि ब्रिगेडियर सर्वेश्वर दत्त डंगवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल उपस्थित रहे।