2027 का रण और धोनी वाला भरोसा

0
6

राजनाथ ने कहा था धामी हैं भाजपा के धोनी
धामी पर फिर टिकी भाजपा की उम्मीदें
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश के रक्षामंत्री ने कुछ अर्से पूर्व मंच से ऐलान किया था कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री धामी भाजपा के धोनी हैं अब 2027 के चुनावी रण से पहले रक्षामंत्री के बयान फिर उफान पर है और बहस चल रही है कि धोनी वाली उपमा से 2027 के चुनावी रण तक अब भाजपा की उम्मीदें धामी पर टिक गई हैं। रक्षामंत्री ने यह भी यलगार की थी कि धामी हैं हमारे फिनिशर।
चुनावी राजनीति में कुछ बयान केवल उस दिन की सुर्खियां नहीं बनते, बल्कि समय बीतने के बाद भी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तुलना भारतीय क्रिकेट के महान फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी से किया गया बयान भी उन्हीं में से एक है। जैसे-जैसे 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह बयान फिर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। उस समय एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था कि ष्क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की पहचान एक ऐसे खिलाड़ी की रही है, जो आखिरी ओवर तक धैर्य बनाए रखता है और निर्णायक समय पर मैच को अपने पक्ष में खत्म करता है। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी भी भाजपा के लिए वही भूमिका निभा रहे हैं। वह पार्टी के फिनिशर हैं। राजनाथ सिंह ने आगे कहा था कि ष्धामी एक धाकड़ बल्लेबाज हैं। जब परिस्थितियां सबसे कठिन होती हैं, तब वह मैदान में उतरकर परिणाम बदलने का साहस और क्षमता रखते हैं।ष् यह टिप्पणी केवल एक राजनीतिक प्रशंसा नहीं थी, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से एक युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व, निर्णय क्षमता और संघर्षशील व्यक्तित्व पर सार्वजनिक विश्वास की अभिव्यक्ति भी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उस समय पार्टी नेतृत्व ने धामी में केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य के ऐसे नेता की छवि देखी थी, जो कठिन चुनावी परिस्थितियों में भी संगठन को मजबूती दे सकता है। यही कारण था कि अपेक्षाकृत कम उम्र और सीमित राजनीतिक अनुभव के बावजूद भाजपा ने लगातार उनके नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखा। मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने कई ऐसे निर्णय लिए, जिन्होंने उत्तराखंड की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में पहल, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भू-कानून को लेकर पहल, भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, निवेश को बढ़ावा, चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में सुधार तथा आधारभूत संरचना के विकास जैसे विषयों पर सरकार ने लगातार अपनी सक्रियता दिखाई। भाजपा इन्हीं फैसलों को अपनी उपलब्धियों के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। अब 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तराखंड की राजनीति का अगला बड़ा पड़ाव है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी रणनीति तैयार कर रही है और इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वाभाविक रूप से पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में वर्षों पहले राजनाथ सिंह द्वारा दी गई ‘धोनी’ वाली उपमा एक बार फिर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है।
क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की सबसे बड़ी पहचान केवल बड़े शॉट लगाने की नहीं, बल्कि दबाव में भी शांत रहकर टीम को जीत तक पहुंचाने की रही है। राजनीति में भी ष्फिनिशरष् वही माना जाता है, जो कठिन परिस्थितियों में संगठन का विश्वास बनाए रखे और जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता को परिणाम में बदल सके। 2027 के चुनावी रण में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर उस विश्वास पर खरे उतरते हैं, जिसे देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक मंच से व्यक्त करते हुए उन्हें भाजपा का ‘धोनी’ और फिनिशर बताया था। चुनाव का अंतिम फैसला उत्तराखंड की जनता करेगी, लेकिन इतना तय है कि यह बयान आगामी चुनाव में भी राजनीतिक बहस और विश्लेषण का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।

LEAVE A REPLY