छात्रों के भविष्य पर संकट

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आईटीआई में अनुदेशकों की कमी का मामला पहुंचा शासन
रघुनाथ नेगी ने खटखटाया शासन का दरवाजा
विकासनगर(मनोज सैनी)। विकासनगर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में लंबे समय से खाली पड़े अनुदेशकों के पदों का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रमुखता से उठाते हुए सचिव, कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को दूरभाष पर आवश्यक कार्रवाई कर तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रघुनाथ सिंह नेगी ने बताया कि रेफ्रिजरेटर एवं एयर कंडीशनिंग टेक्नीशियन (आरएसीटी) ट्रेड में अनुदेशक की तैनाती नहीं होने के कारण इस शैक्षणिक सत्र में छात्रों को प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा था। इससे न केवल युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि संस्थान में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक उपकरण और मशीनें भी उपयोग के अभाव में धूल फांक रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कला-गणित ट्रेड के अनुदेशक का स्थानांतरण होने के बाद अब तक प्रतिस्थानी की तैनाती नहीं की गई है। इसके चलते नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और छात्रों को शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नेगी ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में लगभग 370 अनुदेशकों की नियुक्तियां की गई हैं और बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी कार्यभार भी ग्रहण कर चुके हैं। इसके बावजूद कई संस्थानों में महत्वपूर्ण पद अब भी रिक्त हैं, जिन पर शीघ्र तैनाती आवश्यक है ताकि तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन के हस्तक्षेप के बाद विकासनगर आईटीआई में रिक्त पदों पर जल्द तैनाती होगी और इसी सत्र से छात्रों को आरएसीटी सहित अन्य ट्रेडों में प्रवेश का अवसर मिल सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना सरकार और विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

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