बडों का आशीर्वाद मेरी शक्ति

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जनसेवा की सबसे बडी ताकत है जनता का विश्वास
पांच साल से जनता के द्वार खडे हो रहे धामी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राजनीति में इतनी लम्बी लकीर खींच दी है कि उसकी कल्पना करना भी असम्भव है। मुख्यमंत्री ने आवाम की नब्ज टटोलते हुए उनके दिलों में जिस तरह से राज करने का हुनर दिखाया है उससे आज उत्तराखण्ड की जनता मुख्यमंत्री को अपना दिल अजीज मुख्यमंत्री होने का ताज पहनाती आ रही है। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री राज्यवासियों को मिला है जो पांच साल से सरकार चलाते हुए हमेशा जनता के द्वार खडे होकर उन्हें यह वचन दे रहे हैं कि बडो का आशीर्वाद और छोटे का स्नेह उनकी सबसे बडी शक्ति है। मुख्यमंत्री का विश्वास ही सेवा, विकास और समर्पण का आज सबसे बडा संबल बन चुका है और यही कारण है कि भाजपा की दिल्ली में मौजूद बडी लीडरशिप मुख्यमंत्री को स्वच्छ छवि का राजनेता मानकर उन्हें एक लम्बे दशक तक मुख्यमंत्री बने रहने का अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
राजनीति में केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार मौजूद रहना ही किसी नेता की असली पहचान बनाता है। उत्तराखंड की मौजूदा राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर उनके समर्थकों का दावा भी कुछ ऐसा ही है। उनका मानना है कि धामी ने मुख्यमंत्री पद को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनसंवाद का माध्यम बनाने का प्रयास किया है। समर्थकों के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी सचिवालय की चारदीवारी तक सीमित रहने वाले नेता नहीं हैं। चाहे आपदा का संकट हो, किसी सड़क का निरीक्षण, निवेश परियोजनाओं की समीक्षा, चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं या फिर किसी दूरस्थ गांव की समस्याकृवे लगातार मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते दिखाई देते हैं। यही सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाने का आधार बनी है।
धामी सरकार अपनी उपलब्धियों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, भूमि संबंधी सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे निर्णयों को प्रमुखता से गिनाती है। समर्थकों का कहना है कि इन फैसलों ने उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग संदेश दिया और कानून आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया। विकास के मोर्चे पर भी सरकार सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, निवेश, हवाई संपर्क और आधारभूत ढांचे के विस्तार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताती है। राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलें भी सरकार की ओर से लगातार सामने रखी जाती रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुष्कर सिंह धामी ने संगठन, सरकार और जनता के बीच समन्वय बनाए रखने का प्रयास किया है। त्वरित निर्णय, प्रशासनिक सक्रियता और जनसंपर्क उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं मानी जाती हैं। यही कारण है कि समर्थक उन्हें उत्तराखंड की राजनीति में एक सक्रिय और जमीनी नेतृत्व के रूप में देखते हैं। अंततः किसी भी सरकार का मूल्यांकन जनता ही करती है। उपलब्धियों, चुनौतियों और वादों का अंतिम फैसला भी समय और जनमत के हाथ में होता है। लेकिन इतना अवश्य कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कार्यशैली के माध्यम से प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है, जिसकी चर्चा समर्थकों और राजनीतिक हलकों में लगातार होती रही है।

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