सात दिनों से दयारा ट्रैक से लापता है महिला ट्रैकर
खोज और बचाव दल के हाथ अभी भी खाली
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रक पर धुमने आई नैनीताल के रामनगर की बबीता पिछले सात दिनों से लापता है और उसे खोज निकालने का ऑपरेशन बडे पैमाने पर चल रहा है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चलने पर यही सवाल खडे हो रहे हैं कि महिला ट्रैकर को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। ट्रैकर को खोजने के लिए पहाड से जंगल तक ड्रोन से खोजबीन भी गई और नदी में एसडीआरएफ की टीमें भी लापता को खोजने में जुटी हुई हैं लेकिन लापता का कुछ पता न चलने से सरकार और जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले हुये हैं कि आखिर महिला ट्रैकर कहां गायब हो गई?
बीते शनिवार दयारा बुग्याल से लापता रामनगर की ट्रैकर बबीता पांडे तलाश सातवें दिन भी जारी है। रामनगर, नैनीताल निवासी बबीता के लापता होने के बाद विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद वन विभाग ने सुरक्षा और एसओपी की समीक्षा का हवाला देते हुए दयारा ट्रैक पर ट्रेकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है। गौरतलब है कि बबीता पांडे अपने दो साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैक पर घूमने गई थीं। बीते सप्ताह गोई क्षेत्र के पास वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। घटना के बाद से एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन, सेना, आईटीबीपी, वन विभाग, जल पुलिस और क्यूआरटी की संयुक्त टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हैं। शुकवार को विशेष सर्च टीम ने गोई क्षेत्र की झीलों, जल स्रोतों और आसपास के दुर्गम इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया। डीप सर्च ऑपरेशन के बावजूद महिला ट्रैकर का कोई सुराग नहीं मिला। करीब डेढ़ सौ से अधिक जवान और अधिकारी अभियान में शामिल हैं।
घटना के बाद वन विभाग ने दयारा ट्रैक पर ट्रेकर्स की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। विभाग का कहना है कि ट्रेकिंग से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही लगातार ट्रेकर्स की आवाजाही के कारण रेस्क्यू अभियान प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि इस फैसले पर ट्रेकिंग एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एक घटना के कारण सभी ट्रेकिंग गतिविधियों को रोकना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह रोक अस्थायी है और एसओपी की समीक्षा पूरी होने के बाद ट्रैक को फिर से खोला जाएगा। फिलहाल सभी एजेंसियां महिला ट्रैकर की तलाश में जुटी हैं और परिजनों की उम्मीदें अब भी खोज अभियान पर टिकी हुई हैं।
