चुनावी दहाड़ लगायेंगे राहुल

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तो अल्मोडा से चुनाव का बिगुल बजायेंगे राहुल
राहुल के दौरे से सियासत में दिख रही गर्माहट
प्रमुख संवाददाता
देहरादून (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड की राजनीति में चार जून का दिन एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अल्मोड़ा पहुंचकर विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस इस जनसभा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की निर्णायक शुरुआत के रूप में देख रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा प्रदेश कांग्रेस संगठन में नई जान फूंकने के साथ-साथ भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
पिछले कुछ वर्षों से उत्तराखंड में कांग्रेस लगातार सत्ता से बाहर है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस संगठन कई बार अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व को लेकर सवालों से घिरा रहा। हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस अब नए सिरे से संगठन को मजबूत करने और भाजपा के खिलाफ एकजुट लड़ाई की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में राहुल गांधी का अल्मोड़ा दौरा कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व मंत्रियों, विधायकों, जिला अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों को जनसभा की सफलता के लिए मैदान में उतार दिया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक संख्या में अल्मोड़ा पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि जनसभा में उमड़ने वाली भीड़ आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम करेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी अपने संबोधन में बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, चारधाम यात्रा व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, महिला सुरक्षा और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला बोलने की संभावना है। कांग्रेस इस जनसभा के माध्यम से यह संदेश देने की तैयारी में है कि पार्टी अब 2027 के चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। अल्मोड़ा की धरती ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। कुमाऊं क्षेत्र की राजनीति का असर पूरे प्रदेश की राजनीतिक दिशा पर पड़ता है। यही कारण है कि कांग्रेस ने अपनी बड़ी जनसभा के लिए अल्मोड़ा को चुना है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि यदि कुमाऊं क्षेत्र में कांग्रेस मजबूत होती है तो उसका सीधा प्रभाव आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है।
कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि राहुल गांधी इस जनसभा के माध्यम से संगठन में नई ऊर्जा भरने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने का स्पष्ट संदेश देंगे। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान तेज करने और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में यह जनसभा इसलिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इसे उत्तराखंड में कांग्रेस की ताकत दिखाने के बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं को विश्वास है कि राहुल गांधी की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करेगी और भाजपा के सामने एक मजबूत राजनीतिक चुनौती खड़ी करने का आधार तैयार होगा।
दूसरी ओर भाजपा भी कांग्रेस की इस जनसभा पर नजर बनाए हुए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी और चुनावी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। आगामी महीनों में दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक संघर्ष और अधिक आक्रामक होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। चार जून को अल्मोड़ा में होने वाली राहुल गांधी की जनसभा अब केवल एक राजनीतिक सभा नहीं रह गई है, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की पहली बड़ी चुनावी हुंकार माना जा रहा है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस कार्यकर्ताओं में कितना जोश भरती है और उत्तराखंड की राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव छोड़ती है।

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