पुष्कर राज में श्रद्धालुओं की बल्ले-बल्ले

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चारधाम यात्रा बनी लाइफ लाइन
धामी ने श्रद्धालुओं का जीता भरोसा
आंधी और बारिश में अस्थाई रूकती है यात्रा
देहरादून। उत्तराखण्ड में चल रही चारधाम यात्रा इस वर्ष केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सुशासन का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन और प्रशासन की पूरी मशीनरी को मैदान में उतार रखा है। यात्रा मार्गों से लेकर धामों तक अधिकारियों की लगातार निगरानी और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के चलते श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान कई बार मौसम ने चुनौती पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने हर संकट की घड़ी में स्वयं मोर्चा संभालकर यह संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा के दौरान जब दो अलग-अलग घटनाओं में हजारों श्रद्धालु प्राकृतिक आपदाओं और मार्ग अवरोध की स्थिति में फंस गए थे, तब मुख्यमंत्री ने लगातार हालात पर नजर रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। इन अभियानों की सफलता ने न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ाया बल्कि राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
इस बार चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्गों पर होटल, धर्मशालाएं, होम-स्टे, टैक्सी संचालक, घोड़ा-खच्चर व्यवसायी, स्थानीय दुकानदार और छोटे व्यापारी सभी इस बढ़ती आवाजाही से उत्साहित नजर आ रहे हैं। लंबे समय से पर्यटन और तीर्थाटन पर आधारित उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को चारधाम यात्रा ने नई ऊर्जा प्रदान की है। विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि यह उत्तराखण्ड की आर्थिक जीवनरेखा बन चुकी है। यात्रा से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है और स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौट आई है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे पलायन जैसी समस्याओं पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है। यही कारण है कि देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखण्ड की व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। चारधाम यात्रा के सफल संचालन और लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या ने यह साबित कर दिया है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति, बेहतर प्रबंधन और संवेदनशील नेतृत्व हो तो आस्था और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। उत्तराखण्ड में इस बार की चारधाम यात्रा इसी सफल मॉडल का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई है।

बारिश से यात्रा रूकी फिर हुई शुरू
रूद्र्रप्रयाग। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में भारी वर्षा, आंधी-तूफान की प्रबल संभावना (ऑरेंज अलर्ट) व्यक्त की गई है। जिस क्रम में जनपद में देर रात्रि से ही लगातार बारिश हो रही है। मौसम खराब को देखते हुए केदारनाथ में यात्रा को अस्थाई तौर पर रोका गया है लेकिन बारिश रूकने के बाद फिर यात्रा को शुरू करा दिया गया।
प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा में आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान निहारिका के निर्देशों के क्रम में वर्तमान में केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन कर रहे सभी यात्रियों को तत्काल प्रभाव से निकटतम होल्डिंग स्थल, सुरक्षित स्थानों पर रोके जाने के निर्देश निर्गत करते हुए केदारनाथ यात्रा को अस्थाई तौर पर रोका गया था लेकिन बारिश के रूकने के बाद जिला प्रशासन ने फिर यात्रा शुरू करा दी थी। सभी यात्रियों को निर्धारित होल्डिंग क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से ठहराया गया तथा लगातार निगरानी रखी गई। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखेंगे। किसी भी प्रकार की आपदा, मार्ग अवरोध, भूस्खलन, दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को सूचना दें।

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