श्रद्धालुओं के लिए पुलिस ने बिछाई पलकें

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रुद्रप्रयाग(संवाददाता)। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस निरंतर प्रयासरत है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और बदलते मौसम की चुनौतियों के बीच, जनपद में संचालित केदारनाथ यात्रा के दौरान पुलिस न केवल सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सहायता के लिए भी पूर्णतः समर्पित है। अत्यधिक भीड़ और चुनौतीपूर्ण मौसम में अक्सर श्रद्धालु अपने परिजनों या सामान से बिछड़ जाते हैं, ऐसे समय में पुलिस कप्तान की खाकी एक सजग प्रहरी और सच्चे मित्र की भूमिका निभाते हुए श्रद्धालुओं की हरसम्भव मदद कर रही है।
पुलिस कप्तान निहारिका सिंह ने पुलिस टीमों को दो टूक संदेश दे रखा है कि आस्था के पथ पर आने वाले श्रद्धालुओं को अतिथि देवो भवः के रूप में उनका स्वागत करें। बता दें कि अपने परिजनों के साथ केदारनाथ धाम आयी एक श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़ गयी थी, इसकी सूचना उनके परिजनों द्वारा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को दी गयी, सूचना मिलते ही अपर उपनिरीक्षक चन्द्र प्रकाश एवं महिला आरक्षी भारती जोशी ने अथक प्रयासों के बाद श्रद्धालु महिला को सुरक्षित ढूंढ निकाला एवं उन्हें सकुशल परिजनों से मिलवाया। अपनों को दोबारा पाकर परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। वहीं केदारनाथ धाम आयी एक श्रद्धालु जिनके द्वारा गौरीकुण्ड से अपना सामान ले जाने के लिये एक पिठ्ठू हायर किया गया, यात्रा मार्ग पर मौसम परिवर्तन होने के कारण श्रद्धालु तथा पिठ्ठू वाला अलग-अलग हो गये, केदारनाथ पहुंचने पर श्रद्धालु को पिठ्ठू वाला कहीं नहीं मिला उनके द्वारा पिठ्ठू वाले की काफी ढूंढ़खोज की गयी लेकिन नहीं मिल पाया इसके विपरीत पिठ्ठू वाला भी श्रद्धालु की ढूंढ़खोज करता रहा, उक्त बैग में श्रद्धालु का महत्वपूर्ण तथा कीमती सामान था, हताश होकर उनके द्वारा पुलिस को इसकी सूचना दी गयी, सूचना मिलते ही अपर उपनिरीक्षक चन्द्र प्रकाश तथा महिला आरक्षी भारती जोशी द्वारा आपसी समन्वय तथा अथक प्रयासों के उपरान्त पिठ्ठू वाले की ढूंढ़खोज कर महिला श्रद्धालु को उनका बैग सकुशल लौटाया गया। जिस पर श्रद्धालु द्वारा पुलिस का आभार प्रकट किया गया।
पुलिस कप्तान ने बताया कि नासिक, महाराष्ट्र निवासी राजेंद्र बाबू लाल अपनी पत्नी सुनंदा के साथ दर्शन हेतु आये थे, जहाँ भीड़भाड़ के कारण उनकी पत्नी सुनंदा उनसे बिछड़ गई थीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिलीं तो इसकी सूचना उनके द्वारा खोया-पाया केन्द्र केदारनाथ में दी गयी। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरक्षी मनोज मठपाल एवं आरक्षी अजय शाह ने तत्काल मोर्चा संभाला और अथक प्रयासों के उपरान्त श्रद्धालु से बिछड़ी उनकी पत्नी सुनंदा की ढूंढखोज कर उनसे मिलवाया। जिस पर श्रद्धालु तथा उनकी पत्नी द्वारा पुलिस जवानों का आभार प्रकट किया गया।
उधर केदारनाथ धाम में एक श्रद्धालु का मोबाइल फोन कहीं खो गया था, जिस कारण श्रद्धालु काफी परेशान व तनाव में थे। जब काफी प्रयासों के उपरान्त भी जब मोबाइल फोन नहीं मिला तो उन्होनें पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात आरक्षी आशीष तथा महिला होमगार्ड जवान नैना भट्ट के द्वारा अपने अथक प्रयासों से श्रद्धालु के मोबाइल फोन को सकुशल बरामद किया गया तथा सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपना मोबाइल फोन वापस पाकर श्रद्धालु ने रुद्रप्रयाग पुलिस की सराहना कर आभार व्यक्त किया गया। पुलिस कप्तान निहारिका सिंह ने बाबा के दर पर आकर बिछडने वालों को खोज निकालने के लिए अपनी टीम को अलर्ट किया हुआ है इसी के चलते जब केदारनाथ धाम में एक श्रद्धालु अपने पति से बिछड़ गयी थी, काफी खोजबीन के बाद भी जब वे अपने पति को नहीं ढूढ़ पायी तो उनके द्वारा पुलिस से सहायता की गुहार लगाई गई। सूचना प्राप्त होते ही महिला आरक्षी पायल ने त्वरित कार्यवाही शुरू की। अथक प्रयासों के उपरान्त कुछ ही समय में श्रद्धालु के पति को ढूंढ निकाला तथा दम्पत्ति को सकुशल मिलवाया। जिस पर श्रद्धालु दम्पत्ति द्वारा रुद्रप्रयाग पुलिस का आभार प्रकट किया गया।
प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा में अब तक मदद हेतु कुल 311 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनके सापेक्ष अब तक 110 श्रद्धालुओं के बिछड़ने पर उनके परिजनों से मिलवाया गया, 35 खोए हुए मोबाइल फोन, 50 पर्स व बैग तथा 20 अन्य जरुरी सामान ज्वैलरी आदि ढूंढकर वापस लौटाई गयी है, इसके अतिरिक्त बुजुर्ग व असहाय श्रद्धालुओं को मन्दिर दर्शन के समय आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया है।

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