अपराध रोकने में माहिर हैं कप्तान के सिपाही
मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त संकल्प को सच करते प्रमेंद्र
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री का एक ही विजन है कि राजधानी में अपराध और नशे का खेल न हो पाये इसके लिए उन्होंने तेज तर्रार पुलिस कप्तान को जिले की कमान सौंपी है और उन्हें संदेश दिया है कि जनपद के अन्दर कोई भी अपराधी, माफिया या दहशतगर्द पनाह न ले पाये और न वह कोई अपराध करने का दुसाहस कर सके। मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त संकल्प को सच करने के लिए पुलिस कप्तान ने रात-दिन सड़कों पर खुद मोर्चा संभाल लिया है और उन्होंने अपने अल्प कार्यकाल में जिस तरह से अपराधियों और सडकों पर गुंडई करने वाले हुडदंगियों पर नकेल लगाने का जो साहस दिखाया है उससे राजधानी की जनता उनकी कायल हो गई है और उन्हंे यह आभास हो चला है कि अब राजधानी के अन्दर उन्हें अपराधियों और माफियाओं से आजादी मिलेगी। पुलिस कप्तान सेनापति की भूमिका में हैं और उन्होंने जनपद में अपराधियों और माफियाओं की नाक में नकेल डालने के लिए अपनी नई सेना तैयार की हैं। पुलिस कप्तान और उनकी नई सेना अपराध रोकने में माहिर है। कप्तान ने देहात से लेकर शहर में अपराधियों को खाकी का इकबाल दिखाने के लिए जो चक्रव्यूह तैयार किया है वह अभेद है और अपराधियों और माफियाओं को उनका यह चक्रव्यूह तोडना एक सपने के समान ही लग रहा है।
पुष्कर सिंह धामी ने चार साल पहले जब मुख्यमंत्री की शपथ ली थी तो उन्होंने राज्य की जनता के सामने ऐलान किया था कि राज्य को अपराधियों, माफियाओं, नशा तस्करों से आजादी दिलाई जायेगी क्योंकि राज्य में बाइस सालों से जो अपराध और माफियागिरी का तांडव चल रहा है उस पर वह सख्ती के साथ प्रहार करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री दिखाई दे रहे हैं जो एक अपराध होने के बाद खुद मोर्चा संभालने के लिए आगे निकल पडते हैं। राजधानी को अपराधियों और माफियाओं से शत-प्रतिशत आजादी दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल को जिले की कप्तानी सौंपी है और उन्हें दो टूक संदेश दिया गया है कि राजधानी को वह अपराधियों और माफियाओं से आजादी दिलाने के लिए सख्ती के साथ अपने कदम आगे बढायें। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने पदभार संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वचन दिया था कि वह राजधानी के अन्दर अपराधियों और माफियाओं को किसी भी सूरत में पनपने नहीं देंगे और अगर किसी ने अपराध करने का गुनाह किया तो उसे इसकी बडी सजा भुगतनी पडेगी।
कुछ अपराधियों ने पुलिस कप्तान के इकबाल को हल्के में आंका और वह राजधानी के अन्दर गुनाह करने के लिए आगे आ गये लेकिन जब पुलिस कप्तान ने इन गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए खुद मोर्चा संभाला और उन्होंने इन गुनाहगारों को पाताल से भी खोज निकालने के लिए जो दिलेरी दिखाई वह राजधानी के लोगों ने अपनी आंखो ंसे देखी है। पुलिस और बदमाशों के बीच एक के बाद एक हुई मुठभेड में कई बदमाश पुलिस की गोलियों से घायल हुये और जब पुलिस कप्तान उन्हें अस्पताल में देखने के लिए पहुंचे तो अपराधियों ने हाथ जोडकर अपने जीवन की भींख मागी कि वह कभी गुनाह नहीं करेंगे। पुलिस कप्तान ने देहात और शहर में अपराधियों पर बडा शिकंजा कसने के लिए अपनी नई सेना तैयार की है और यह सेना अपराधक रोकने में माहिर है इसलिए उन्हें टास्क दे दिया है कि वह अपने इलाकों पर नजर रखें कि कोई भी अपराधी या दहशतगर्द वहां पनाह न ले पाये। पुलिस कप्तान सेनापति के रूप में आगे खडे हुये है और उन्होंने जो शानदार नई टीम तैयार की है उसने यह साफ दिखा दिया है कि पुलिस कप्तान किसी भी इलाके में अपराध नहीं होने देंगे और जिसने भी वहां अपराध करने का ख्वाब भी पाला तो उसे वह मिट्टी में मिला देंगे।
