डोभाल की दहाड़ से भीगी बिल्ली बने अपराधी

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आवाम बोल रहाः गजब हैं ‘खाकी का पहरेदार’
कप्तान के बनाये चक्रव्यूह में फंसते शैतान
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। इसे व्यक्ति बदलने का इकबाल कहें या कुछ और… लेकिन जब से प्रमेंद्र डोबाल ने राजधानी के बड़े पुलिस कप्तान की कुर्सी संभाली है, तब से एक बार फिर से राजधानी की मित्र पुलिस यूपी के बाबा योगी आदित्यनाथ की पुलिस की तर्ज पर अपना रुतबा कायम करने लगी है। इतना ही नहीं, पुलिस बदमाशों के साथ मुठभेड़ भी करने लगी है और खूंखार अपराधियों को सीखचों के पीछे भी डालने से पीछे नहीं हट रही है। इसके अलावा बाहरी राज्यों में बेखौफ होकर दबिश की कार्रवाई को भी अंजाम देने का काम शुरू कर दिया है। इसी का नतीजा है कि फिलहाल राजधानी पुलिस के इस रूप को देखकर जहां बदमाशों को पसीने छूटने लगे हैं, वहीं आम शहरियों ने राहत की सांस लेनी भी शुरू कर दी है। नए बड़े पुलिस कप्तान ने जब से राजधानी पुलिस की कमान संभाली है, तभी से जहां एक ओर अधीनस्थ पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के काम में जुट हुए हैं, वहीं अपराधियों के लिए सिंघम बन खोज-खोज कर उनके बिलों से दबोच भी रहे हैं। बड़े पुलिस कप्तान की तेजी को देखकर अब उनके सहकर्मी भी तेजी से शातिरों के पीछे पड़ गए हैं, जिससे शातिरों के बीच जहां खौफ का वातावरण बनने लगा है, वहीं अब वो अपराध करने से भी तौबा करने के मूड में भी आ गए हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर राजधानी की कानून व्यवस्था पर पड़ने लगा है और व्यवस्था अब पटरी पर आती भी दिखाई पड़ने लगी है।
30 मार्च को राजपुर रोड क्षेत्र के जोहड़ी गांव में दो कार सवारों के बीच अंधाधुंध गोलीबारी के दौरान मार्निंग वॉक कर रहे सेना के पूर्व ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मौत होने के बाद जहां राजधानी पुलिस की एक बार फिर निशाने पर आ गई थी, वहीं दून के बड़े पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने उसी वक्त बदमाशों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था- श्बदमाशों को पाताल से भी खोजकर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगाश् और इसी को ध्यान में रखते हुए मित्र पुलिस ने अपने रुतबे के हिसाब से जहां घटना में शामिल सभी दस आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, वहीं एक बदमाश को मुठभेड़ में श्लंगड़ाश् भी कर दिया था। बड़े कप्तान के इस हरिद्वारी तेवर से जहां आम शहरियोें में पुलिस के इकबाल के दोबारा लौटने की चर्चा शुरू हो गई, वहीं ये भी चर्चा होने लगी कि पुलिस अब वह पुलिस नहीं रही, जो इससे कुछ माह पूर्व तक हुआ करती थी। गौरतलब हो कि प्रमेंद्र डोबाल ने जब तक हरिद्वार में श्कप्तानीश् की, तब तक बदमाशों के लिए काल बने हुए थे और कई मुठभेड़ों में इस राजधानी के सिंघम ने कइयो को लंगड़ा भी किया था। इसके बाद उनको सीधे राजधानी की कमान सौंपी गई। जब उनको यहां की कमान सौंपी गई थी तब एक के बाद एक कई हत्या की सनसनीखेज घटनाओं ने पुलिस का मनोबल पूरी तरह से तोड़ दिया था, लेकिन प्रमेंद्र ने सिंघम स्टाइल में राजधानी में काम संभालते हुए खुद मैदान पर मोर्चे में उतरे और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जहां उनका मनोबल बढ़ाया, वहीं हर अच्छी बात पर उनकी हौसला आफजाई भी की।

इंसेट—

कई चर्चित घटनाओं का बड़े ही सलीके से किया राजफाश
बड़े पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के चार्ज संभालते ही पुलिस ने उन घटनाओं का भी राजफाश करने का बीड़ा उठाया है, जो अभी तक सिर्फ कागजों में तैर रही थी। वैसे देखा जाए तो प्रमेंद्र जैसे सिंघम को उनके पूर्व के कप्तान अजय सिंह का भी साथ मिलना शुरू हो गया है, जिससे पुलिसकर्मियों का भी मनोबल और बढ़ गया है। अजय सिंह चूंकि पूरे प्रदेश के एसटीएफ की कमान संभाल रहे हैं, इसलिए एसटीएफ भी अब हर घटना के बाद राजधानी पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने लगी है। एसटीएफ का साथ मिलने से राजधानी पुलिस के इस सिंघम को उन पुरानी अनसुलझी फाइलों को खोलने में काफी सहूलियत मिलेगी, जो अब तक सिर्फ फाइलों की ही शोभा बढ़ा रही थी दून पुलिस की किरकिरी भी हो रही थी।

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डोबाल जब उतरे सड़क पर तो बदमाशों की बंधी घिग्घी
वैसे रुतबा हो तो ऐसे ही… जैसे राजधानी के बड़े पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने कायम करना शुरू कर दिया है। खुद प्रमेंद्र सड़क पर उतरते हैं और अपने अधीनस्थों का मनोबल बढ़ाते हैं। इसी का नतीजा है कि राजधानी पुलिस बाहरी प्रदेश से यहां आकर ठहरे बदमाशों की पहचान कर उनको दबोचने के लिए जहां सत्यापन अभियान चला रखा है, वहीं इस क्रैकडाउन अभियान में काफी सफलता भी मिली है। क्रैकडाउन के तहत दून पुलिस ने डेढ़ माह के अभियान में चार हजार से अधिक संदिग्धों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और आवासीय कॉलोनियों के 30 हजार से अधिक मकानों को खंगालते हुए 43 हजार से अधिक बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया। इतना ही नहीं बिना वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रह रहीं तीन विदेशी महिलाओं और अवैध गतिविधियों में लिप्त सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और चप्पे-चप्पे पर सत्यापन अभियान से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कप्तान ने अपनी टीमों को अपार्टमेंट, कालोनियों, धर्मशालाओं, आश्रम, होटल, गेस्ट हाउस में सख्ती के साथ सत्यापन अभियान चलवा रखा है जिससे हड़कंप मचा हुआ है।

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क्रैकडाउन संग ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक भी छुड़ा रहा कंपकपी
ऑपरेशन क्रैकडाउन के साथ ही बड़े पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बदमाशों और हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक भी चला रखा है। इसके तहत दून की मित्र पुलिस ने पब, बार, होटल और रेस्टोरेंट में औचक छापेमारी की जा रही है तो वहीं सडकों पर चप्पे-चप्पे पर संदिग्धों को दबोचने का भी चैकिंग के दौरान ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस कप्तान द्वारा चलाये जा रहे क्रैकडाउन संग ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक भी अपराधियों और हुड़दंगियों की कंपकपी छुड़ा रहा है।

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