नकली दवाईयों के माफियाओं का धामी भेद रहे किला
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने जहां अपराधियों, माफियाओं की नाक में नकेल डाल रखी है वहीं उन्होंने स्वास्थ्य महकमे और एसटीएफ को मौत के सौदागरों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए अपना वार शुरू कर रखा है। मौत के सौदागरों पर मुख्यमंत्री के वार से नकली दवाईयों को बेचने वाले बडे-बडे माफियाओं को अब तक जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाकर उनके किले को जिस अंदाज में भेद डाला है उससे राज्यवासियों को अब सुकून हो रहा है कि राज्य में नकली दवाईयां बेचने वालों का नेटवर्क धडाम हो चुका है और जो कुछ शैतान अभी भी नकली दवाईयों का गोरखधंधा कर रहे हैं वह भी जल्द से जल्द जेल की सलाखों के पीछे होंगे। मुख्यमंत्री के चार साल के कार्यकाल में सैकडों मौत के सौदागर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं जो आम जनमानस के जीवन के साथ एक बडा खिलवाड करने का तांडव कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्यवासियों की सुरक्षा का एक बडा संकल्प लिये हुये हैं। सुरक्षा चाहे अपराधियों से हो या फिर नकली दवाईयां बेचने वाले माफियाओं से हो वह ऐसे सभी माफियाओं के नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने के लिए दिन-रात लगे हुये हैं। हैरानी वाली बात है कि मुख्यमंत्री के शासनकाल में अब तक सैकडों मौत के सौदागर स्वास्थ्य महकमे और एसटीएफ के शिकंजे में फंस चुके हैं और उनके खिलाफ बडी कार्यवाही को अंजाम दिया गया है जिससे कि वह जेल की सलाखों के पीछे एक लम्बे अर्से तक रह सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कह रखा है कि राज्य के किसी भी जनपद में नकली दवाईयां बेचने वाले सौदागरों की किसी भी सरकारी कर्मचारी से मिलीभगत होती पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। एसटीएफ की एक टीम पिछले लम्बे अर्से से उत्तराखण्ड से लेकर अन्य राज्यों के उन माफियाओं को अपने शिकंजे में कैद कर चुकी है जो उत्तराखण्ड के अन्दर नकली दवाईयां सप्लाई करने का खुला खेल नाटकीय ढंग से खेलने के एजेंडे पर आगे बढे़ हुये थे।
बता दें कि उत्तराखण्ड मे राज्य की कुछ पूर्व सरकारों के कार्यकाल मे नकली दवाईयों के कारोबारियों ने कुछ जनपदों मे अपना साम्राज्य स्थापित कर रखा था और उसी के चलते वह आवाम की जान के साथ खिलवाड़ कर नकली दवाईयों का धंधा कुछ भ्रष्ट अफसरों की शह पर करते चले गये और उसी के चलते उनके हौसले इतने बुलंद हो गये कि वह नकली दवाईयों के कारोबार से दौलत का खजाना खडा करने मे महारत हासिल कर गये। उत्तराखण्ड सरकार की कमान जबसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हाथों मे ली है तबसे वह मिलावटखोरों और नकली दवाईयां बनाने वाले धंधेबाजों पर अपनी रडार लगाये हुये हैं जिससे कि आम आदमी को इन शातिरों से बचाया जा सके। अकसर देखने मे आया कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सिस्टम के लोग कार्यवाही करने के लिए आगे नहीं बढ़ते थे लेकिन जबसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रूख अपना रखा है तबसे राज्य का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड मे नजर आ रहा है और उनकी नजर हमेशा मिलावटखोरों और नकली दवाईयां बनाने वाले धंधेबाजों पर टिकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने जबसे नकली दवाईयां बनाने वालों और खाद्य पदार्थों पर मिलावट करने वालों पर बडा प्रहार शुरू किया है तबसे ऐसे धंधेबाजों पर बडी कार्यवाही अमल मे लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में आम जनमानस को दवाई के नाम पर मौत परोसने वाले दवाई माफियाओं के खिलाफ बडा ऑपरेशन चला रखा है जिसमें अब तक बडी संख्या में मौत के सौदागर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
