आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ आरंभ
रुद्रप्रयाग(संवाददाता)। रूद्रप्रयाग, चमोली व टिहरी में बादल फटने से हुये नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने सुबह ही अफसरों के साथ बचाव व राहत कार्य के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कमान संभाली थी और सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को बादल फटने से हुये नुकसान का आंकलन कर आपदा पीडितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दो टूक संदेश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद रूद्रप्रयाग के डीएम और पुलिस कप्तान नेे अतिवृष्टि और बादल फटने से हुये नुकसान का आंकलन करने के लिए अपनी टीम के साथ मिलकर बडा महामंथन किया और उनका साफ कहना था कि सबसे पहले आपदा पीडितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का रेस्क्यू तेजी के साथ शुरू किया जाये और आपदा प्रभावितों को खाने-पीने का सामान और दवाईयां उपलब्ध कराई जायें जिससे कि उन्हें किसी भी बीमारी से बचाया जा सके।
जनपद में हुई अतिवृष्टि एवं बादल फटने की घटना से हुए नुकसान इत्यादि के आंकलन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता व पुलिस कप्तान अक्षय प्रल्हाद कोंडे की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित हुई, उक्त बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित रेस्क्यू कार्य सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों को उनके कार्य एवं दायित्वों के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। तालजामण क्षेत्र में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी, छेनागाढ़ क्षेत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक अभियन्ता (ग्रामीण निर्माण विभाग), जिला आबकारी अधिकारी एवं जिला परियोजना अधिकारी (उरेड़ा), देवल गांव में महाप्रबंधक उद्योग विभाग एवं सहायक प्रबंधक उद्योग विभाग तथा स्यूर क्षेत्र में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर सर्विस, आपदा प्रबन्धन की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में रेस्क्यू कार्यों में लगी हैं। अतिवृष्टि एवं बादल फटने की घटना से प्रभावित क्षेत्रों के अतिरिक्त केदारनाथ धाम यात्रा सहित जनपद के विभिन्न स्थानों पर बाधित चल रहे मार्गों को खोले जाने हेतु सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

