प्रोटोकॉल नहीं जनता ‘फर्स्ट’

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आपदा प्रभावितों को सीएम ने मद्द का दिया वचन
धामी जैसा मुख्यमंत्री आखिर कहां मिलता है
चमोली(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को अपना परिवार मान रखा है और उन्हें वचन दे रखा है कि वह हमेशा उनके सुख दुख मंे उनके साथ खडे हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर जब भी कोई आपदा आई तो मुख्यमंत्री आपदा पीडितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे रहे और उत्तरकाशी के धराली में उन्होंने तीन दिन तक मोर्चा संभाल कर रखा और युद्ध स्तर पर वहां बचाव व राहत कार्य का ऑपरेशन चलाकर अपनी धमक दिखाई थी तो वहीं चमोली के थराली मंे आई आपदा से निपटने के लिए उन्होंने दिल्ली से ही मोर्चा संभाल लिया था और उन्होंने सभी एजेंसियों और सिस्टम के अफसरों को बचाव और राहत कार्य में लगाया। आज जब वह चमोली में आपदा पीडितों से मिलने और वहां हुये नुकसान का जायजा लेने के लिए पहुंचे तो जब उनका काफिला सडक से गुजर रहा था तो उन्होंने काफी संख्या मंे लोगों को सडक के किनारे देखा तो वह प्रोटोकाल की परवाह न करते हुए उनके बीच पहुंच गयेे और उन्होंने साफ कहा कि प्रोटोकॉल नहीं उनके लिए जनता ‘फर्स्ट’ है। आपदा पीडितों में अपना दर्द उनसे बयां किया और रोते बिलखते हुए उन्हें जब अपनी दास्तां सुनाई तो मुख्यमंत्री ने उनके साथ खडे होकर उन्हें वचन दिया कि सरकार उनके साथ खडी है और उनकी सहायता के लिए वह हर वो कुछ करेंगे जो उन्हें अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए करना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे। विदित है कि मुख्यमंत्री इसी तरह धराली आपदा के समय लगातार तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे और हर राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग की। मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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