देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रात-दिन एक ही सपना देख रहे हैं कि उनका अपना उत्तराखण्ड देश के अग्रणीय राज्यों में अपना झंडा बुलंद करे। मुख्यमंत्री ने एक बडी सोच के साथ राज्य को विकास की राह पर ले जाने का जो दौर शुरू कर रखा है वह राज्यवासियों के दिलों में बडी उमंग पैदा कर चुका है कि अब उनका अपना उत्तराखण्ड बदल रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढावा देने के लिए हाईलेवल मीटिंग बुलाई और उसमें उत्तराखण्ड को पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा को लेकर भी एक बडा महामंथन किया है। मुख्यमंत्री की इस सोच से राज्यवासी गदगद हैं क्योंकि मुख्यमंत्री रात-दिन सिर्फ विकास की दौड लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ध्सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

