अमेज़न से मंगाया जूसर और आये डिब्बे में खाली डिब्बे
शातिर ठगी का खतरनाक खेल हो बेनकाब
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के अन्दर शातिर ठगों ने एक से एक खेल खेलने शुरू कर रखे हैं और उसका खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड रहा है। आज के इस युग में ऑनलाइन शॉपिंग पर युवा पीढी ने अभेद भरोसा कर रखा है और उसके चलते ही कई साइड ऐसी हैं जहां से ऑनलाइन शॉपिंग की जा रही है लेकिन इस शॉपिंग में भी अब ठगी करने वालों ने अपने रास्ते खोज लिये हैं। महंगी शॉपिंग करने वाले युवाओं को समय-समय पर ठगी का शिकार होना पड रहा है और ठगी करने वाले धोखेबाज अपना शातिराना खेल खेलकर अपने को सुरक्षित बचाने के जिस एजेंडे पर आगे बढे हुये हैं उन पर अगर पुलिस ने सख्त रूख न अपनाया तो आम जनमानस को बार-बार धोखे का शातिराना खेल खेलने वालों के हाथों लुटना ही पडेगा। शहर में एक व्यापारी ने अमेज़न पर शॉपिंग की और उन्होंने घर के लिए जूसर मंगाया और जब बडे डिब्बे में पार्सल आया तो उसके बाद अमेज़न का एजेंट जूसर की कीमत नगद में ले गया और कुछ पैसे उसके मोबाइल पर भी भेजे गये लेकिन जब व्यापारी ने उस डिब्बे को खोला तो वह यह देखकर दंग रह गया कि डिब्बे में जूसर नहीं बल्कि डिब्बे के अन्दर थरमाकॉल के कुछ डिब्बे थे और उसमें भारी चीज भी पन्नी में पैक थी। ठगी का शिकार हुये व्यापारी ने जब अमेज़न में शिकायत की तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसकी जांच करेंगे लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ एक नाटक ही रहा और इस ठगी को करने वाले एजेंट ने जिस मोबाइल में पैसे डलवाये थे वह भी उसके किसी दोस्त का था जिससे कि वह पुलिस से बच निकले।
राजधानी में पिछले एक लम्बे अर्से से ठगी करने वालों ने ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को अपना निशाना बनाने का सबसे अचूक हथियार बना रखा है। हैरानी वाली बात है कि आये दिन ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले भी ठगी का शिकार होने से नहीं बच पा रहे हैं जिससे समझा जा सकता है कि ऑनलाइन ठगी का कितना बडा खेल कुछ शातिर बडे नाटकीय और चालाकी से खेलने के एजेंडे पर आगे बढे़ हुए हैं। कुछ बडी कम्पनियों की फर्जी साइड बनाकर भी ऑनलाइन शापिंग करने वाले ठगी का शिकार होते आ रहे हैं और ठगों पर पुलिस का शिंकजा न कसने के कारण उनके हौसले इसलिए भी बढ़ रहे हैं कि उनका कोई कुछ नहीं कर पायेगा।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के घंटाघर पर स्थित एक व्यापारी सुधीर राणा ने अपने घर के लिए अमेज़न साइड पर जूसर मंगवाया और जब कम्पनी का सेल्समैन एक बडे डिब्बे में डिलीवरी लेकर उनके संस्थान पहुंचा तो उसे सुधीर राणा ने तेरह हजार रूपये नगद और एक मोबाइल फोन पर साढे चार सौ रूपये यूपीए किया। पैसे लेकर सेल्समैन वहां से चला गया और शाम को जब व्यापारी ने उस डिब्बे को खोलकर देखा तो वह यह देखकर हैरान हो गये कि डिब्बे के अन्दर जूसर था ही नहीं और उसमें सिर्फ थरमाकॉल के कुछ डिब्बे थे और उसके अन्दर कुछ भारी चीज की पन्नी थी जिससे कि लगे कि उसके अन्दर जूसर ही है। व्यापारी ने आनन-फानन में उस मोबाइल नम्बर पर फोन किया जिस पर उन्होंने पैसे यूपीए किये थे। नम्बर को उठाने वाले युवक ने बताया कि उसका नाम पुष्पेंद्र है और यह पैसे उसके दोस्त साहिल ने डलवाये हैं। व्यापारी ने जब साहिल के मोबाइल नम्बर पर फोनकर उसे बताया कि उसके डिब्बे में जूसर नहीं था और वह अभी आकर उससे मिले तो उसने अपना नम्बर बंद कर दिया लेकिन चंद मिनटो बाद व्यापारी को एक फोन आया कि वह अमेज़न कम्पनी का वकील बोल रहा है और धमकी देते हुए कहा कि उन्होंने सेल्समैन को धमकाया है तो उनके खिलाफ वह कार्यवाही करेगा। व्यापारी ने इस पूरी ठगी की शिकायत धारा पुलिस चौकी में की है और वहां के चौकी प्रभारी ने व्यापारी को भरोसा दिलाया है कि ठगी करने वालों को बक्शा नहीं जायेगा और उनका ठगी का सारा खेल वह बेनकाब कर देंगे।

