अजय राज में गौकशी, डकैती, लूट सब गोली खाकर ‘शांत’

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अब दिन रात फेसबुक पर ट्रैफिक-ट्रैफिक-ट्रैफिक का अलाप रहे राग
मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त विजन पर कप्तान ने गाडे झंडे
संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने जो सोच लिया उसे वह पूरा किये बगैर शांत नहीं बैठते और उन्होंने उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने का जो संकल्प लिया हुआ है वह अपराधियों के मन में एक बडा खौफ पैदा किये हुये है। राजधानी में गौकशी, डकैती, लूट करने वाले अपराधियों का तांडव पूर्व सरकारों के कार्यकाल में खूब देखने को मिलता था लेकिन राजधानी में पुलिस कप्तान के पद पर तैनात अजय ने अपराधियों को सरकार और पुलिस का डर दिखाने का जो दौर चला रखा है उसको देखते हुए राजधानीवासी पुलिस कप्तान की दबंग कार्यशैली को देखकर अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजधानी में जब भी कोई गौकशी, लूट और डकैती की वारदात हुई तो पुलिस कप्तान खुद अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए अपनी टीम के साथ मैदान में कूद पडते हैं और आज हालात यह हैं कि गौकशी, डकैती और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले दर्जनों सभी अपराधी पुलिस की गोली खाकर अब शांत नजर आ रहे हैं। प्रेमनगर इलाके में रोहित के हत्याकांड में शामिल दो अपराधियों को खोज निकालने के लिए पुलिस कप्तान ने इतना बडा जाल बिछाया था कि आखिरकार रोहित की हत्या को अंजाम देने वाले दोनो कातिलों को जब पुलिस टीमों ने घेरा तो उन्होंने विदेशी पिस्टल और तमंचे के साथ पुलिस टीम पर गोलियां दागी और आमने-सामने के शूटआउट में दोनो कातिलों के दोनो पैरों और एक कातिल के हाथ में भी गोली लगी तो वह पुलिस के सामने यह कहकर गिडगिडा रहे थे कि सीएम साहब हम कभी भी अपराध नहीं करेंगे अब हमें माफ कर दो। हैरानी वाली बात है कि अब राजधानी में अपराधियों का तांडव खत्म होने के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया पर राजधानी में ट्रैफिक-ट्रैफिक का भोपू बजाने में जुटे हुये हैं जिससे लगता है कि उन्हें कप्तान की शानदार पारी रास नहीं आ रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने राजधानी में अपराध, नशे और गौकशी करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का हुक्म जनपद के पुलिस कप्तान अजय सिंह को सौंप रखा है और उसी के चलते उन्होंने जनपद से अपराधियों के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर रखा है। आज यह हालात हैं कि अगर जनपद में गलती से भी कोई अपराध करके फरार हो जाता है तो उसे इस दुसाहस का बडा सबक सिखाने के लिए पुलिस कप्तान अजय सिंह खुद मोर्चा संभालकर उन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस टीमों के साथ मैदान में उतर पडते हैं। राजधानी में लूट, डकैती, गौकशी, कत्ल की वारदात को अंजाम देने वाले सभी अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शूटआउट सबने देखा है और इस शूटआउट में आज तक दर्जनों अपराधियों और गौ तस्करों के पैरों में गोलियां लगी तो वह पुलिस के इस एक्शन को देखकर अब शांत नजर आ रहे हैं। हालांकि चंद दिन पूर्व मुजफ्फरनगर के दो युवकों ने जब प्रेमनगर के मांडुवाला में जरा से विवाद के बाद एक भाजपा नेता रोहित नेगी को गोली मारकर मौत की नींद सुलाया तो उसके बाद पुलिस कप्तान का पारा सातवे आसमान पर पहुंच गया था। कातिलों को पकडने के लिए जब पुलिस कप्तान ने टीमें गठित की तो चंद दिन के भीतर ही उत्तराखण्ड मुजफ्फरनगर बोर्डर पर पुलिस और कातिलों के बीच शूटआउट हुआ था जिसमें दोनो कातिलों के पैरों में गोली लगी और रोहित को गोली मारने वाले अपराधी के हाथ मे भी एक गोली लगी थी जिसके चलते वह पुलिस से यह कहकर अपनी जान की भीख मांगते हुए दिखाई दिये कि सीएम साहब हमें माफ कर दो हम जिंदगी में दुबारा कभी अपराध नहीं करेंगे। पुलिस कप्तान ने अपने कार्यकाल में गौकशी, डकैती और लूट की वारदातें करने वाले सभी अपराधियों को शूटआउट में घायल कर अपना इकबाल दिखाया तो सभी अपराधी पुलिस की गोली खाकर शांत हो गये हैं। वहीं कुछ लोग अब बस फेसबुक पर ट्रैफिक-ट्रैफिक का शोर मचाकर पुलिस को कटघरे में खडा करने का खेल खेलने मे जुटे हुये हैं।

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