सचिवालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे बॉबी पंवार व बेरोजगार

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश के युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव सहित अनेकों सचिवों से मिलने के लिए उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष व टिहरी संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे बॉबी पंवार नकली रुपयों से भरा अटैची लेकर सचिवालय पहुंचे और वहां पर सचिवालय मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों रोक दिया गया है और कहा कि संबंधित सचिव को अवगत करा दिया गया है और जैसे ही वहां से कोई सूचना आती है तो उन्हें अंदर जाने दिया जायेगा। इस अवसर पर बॉबी पंवार ने कहा कि अब पांच बजे के बाद अटैची लेकर एंट्री करेंगें। इस दौरान बॉबी पंवार एवं संघ के अनेकों पदाधिकारी व बेरोजगार वहीं धरने पर बैठ गये और नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करने लगे। इस अवसर पर नए साल के पहले दिन बेरोजगार संगठन के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने सचिवालय के गेट पर एक अटैची में नकली नोट रखकर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष व टिहरी संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे बॉबी पंवार ने कहा है कि सचिवालय कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है और न ही हम यहां पर पिकनिक मनाने नहीं आये है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिनों से प्रदेश की मुख्य सचिव राधा रतूडी सहित अन्य सचिवों से मिलने के लिए समय मांग रहे है लेकिन किसी भी प्रकार से उन्हें कोई समय नहीं दिया जा रहा है और आज जब सचिवालय पहुंचे तो उन्हें सचिवालय के अंदर जाने के लिए पास तक नहीं दिया जा रहा है और सचिवालय के गेट पर ही रोक लिया गया जिससे बेरोजगार संघ के सभी पदाधिकारियों एवं बेरोजगारों ने आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि बार बार सचिवालय में मुख्य सचिव सहित अन्य सचिवों से मिलने के लिए सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध करते हुए आ रहे है लेकिन वह अंदर नहीं जाने दे रहे है और जब सचिवालय में अंदर नहीं जा सकते है तो इसके क्यों बनाया गया है। इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष व टिहरी संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे बॉबी पंवार ने कहा है कि सचिवालय कोई पिकनिक स्थान नहीं है और न ही हम यहां पर पिकनिक मनाने नहीं जाते है। उन्होंने कहा कि क्या उत्तराखंड सचिवालय केवल भ्रष्टाचारियों का अड्डा बनकर रह गया है और मुख्य सचिव व पीएस फोन नहीं उठा रहे है और वेतन किस बात का ले रहे है और जूते उतार कर सचिवालय जायेंगें और पांच बजे के बाद का सिलसिला अटैचियों का होता है और इस प्रदेश का दूरस्थ जिले से आने वाला व्यक्ति आता है तो उसे प्रवेश के लिए पास तक नहीं दिया जाता है और उन्होंने कहा है कि सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध किया है कि अंदर तक संदेश पहुंचायें और जनहित के कार्यो को सचिवों से मिलने दें।
उन्होंने कहा कि आज ही सचिवालय जायेंगें और जूते से डर है तो सभी संघ के पदाधिकारी जूते उतारकर सचिवालय जायेंगें और अगर अटैचियों की व्यवस्था भी करेंगें और अटैची लेकर सचिवालय आज ही जायेंगें और जूते उतार कर जायेंगें। उन्होंने कहा कि चोरों का अड्डा बना लिया गया है और जनहित के मुददों को उठाने वाले सचिवालय नहीं जायेंगें तो कहां जायेंगें और लगातार सचिवालय के अंदर जाने के लिए पास बनाये जाने का अनुरोध करते आ रहे है लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि जन हित के लिए लड़ रहे है और अनिल यादव की रिपोर्ट पर जांच के मामले पर क्या हुआ है की जानकारी लेने जा रहे है और सचिवालय के लोगों ने अफवाह फैलाई है की पूर्व में जूता फैंका गया है और पांच बजे तक इंतजार करेंगें और पांच बजे बाद अटैचियों को लेकर नंगे पांव सचिवालय जायेंगें। उन्होंने कहा कि सचिवों के पीएस फोन नहीं उठाते है और पुलिस जांच करें और अपनी पहचान नहीं छिपायेगा और अस्त्र शस्त्र लेकर जा रहे है तो कार्यवाही करें और यह व्यवस्था सुधरनी चाहिए और जब पास ही नहीं दे रहे है तो वह व्यक्ति अपनी समस्याओं को कैसे उठा पायेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के मीडिया प्रभारी सुरेश सिंह ने कहा है कि यहां सचिवालय में आम नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन हो रहा है और यहां के अधिकारी संविधान की शपथ लेते है और अधिकारी सरकार की चापलूसी कर रहे है और संविधान लेकर भी सचिवालय लेकर आये हे और सचिवों को संविधान का भी पाठ पढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए सचिवालय जाने पर पाबंदी लगाई जा रही है और जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य लिया, सचिवालय लिया और इसके लिए कई शहादतें हुई है और उत्तराखंड राज्य बनाया और यहां पर सचिवालय में कार्यरत सचिव नागरिकों की समस्याओं को नहीं सुन रहे है। उन्होंने कहा कि यह बेहद ही शर्मनाक है। वहीं दूसरी ओर इस प्रदर्शन में शामिल कई बेरोजगार युवाओं ने कहा कि उन्हें सचिवालय में प्रवेश पास मिलने में खासी परेशानी हो रही है और उनके आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके चलते, उन्हें सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस मुद्दे का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो युवा और बेरोजगार आगामी दिनों में एक बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

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