युवाओं के सपनों को पूरा करते सीएम
तेइस साल बनाम ढाई साल मंे पुष्कर अव्वल
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता के सामने वायदा किया था कि अगर राज्य मंे उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार आई तो वह युवाआंे को लाखों नौकरियां देकर उनके सपनों को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री के इस वायदे पर राज्य की जनता ने विश्वास किया और उसके बाद पुष्कर के नेतृत्व मंे पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता मंे आई और यह साफ हो गया कि राज्य की जनता ने युवा मुख्यमंत्री पर अभेद भरोसा दिखा दिया है जिसके चलते अब उनके साथ किये गये वायदे धरातल पर उतरेंगे। सरकारी नौकरियां देने के ऐलान को विपक्ष हवाबाजी समझ रहा था लेकिन मुख्यमंत्री ने युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए अपने अब तक के कार्यकाल मंे जिस तरह से नौकरियों की बारिश से युवाओं को नहला रखा है उससे उत्तराखण्ड की जनता मुख्यमंत्री पर अभेद विश्वास दिखा रही है। गजब की बात है कि तेइस सालों में पूर्व सरकारें जितनी नौकरी युवाओं को नहीं दे पाई उससे कई गुना ज्यादा सरकारी नौकरियां मुख्यमंत्री ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में बांटकर यह साबित कर दिया कि अगर सरकार मंे इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम असम्भव नहीं है। उत्तराखण्ड के हर विभाग में आये दिन रोजगार मेला लगाया जा रहा है और मुख्यमंत्री युवाओं को सरकारी नौकरियां देने के लिए जिस तरह से आगे आ रखे हैं उससे वह युवाओं के भाग्यविधाता भी बन गये हैं और इसी के चलते लोकसभा चुनाव मंे भाजपा प्रत्याशियों को युवा पीढी का साथ मिलना तय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की नब्ज वर्षों पूर्व ही पहचान ली थी कि राज्य की जनता और युवा पीढी सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों ने युवाओं और मातृशक्ति को अपने साथ लाने की दिशा मंे कोई पहल नहीं की जिसके चलते हर पांच साल बाद सत्ता परिवर्तन होना एक नियती बन गया था। वहीं मात्र छह माह के लिए पुष्कर ंिसह धामी को जब मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली तो उन्हें इस बात का इल्म था कि अगर वह राज्य के अन्दर अल्प कार्यकाल मंे सरकार नहीं बना पाये तो उनका राजनीतिक जीवन खत्म हो जायेगा? मुख्यमंत्री ने एक बडे विजन के साथ सरकार चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और वह राज्यवासियों के लिए फ्लावर बनकर उनके बीच सत्ता की महक बरसाते चले गये और उन्होंने इस कार्यकाल मंे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के खिलाफ अपना प्रहार शुरू कर उनके मन में यह विश्वास दिला दिया था कि पुष्कर सिंह धामी एक स्वच्छ सोच के मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से वायदा किया था कि अगर उनकी सरकार सत्ता मंे आई तो उनके लिए सरकारी नौकरियों की बारिश कर देंगे। युवाओं ने मुख्यमंत्री पर भरोसा किया और उत्तराखण्ड के अन्दर जब भाजपा की सरकार बनी तो फिर पुष्कर सिंह धामी युवाओं से किये गये वायदे को पूरा करने की दिशा मंे अपनी सरकार के साथ आगे बढते चले गये।
मुख्यमंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल में युवाओं को सरकारी नौकरियां देने के लिए रोजगार मेले में उनकी एक के बाद एक एंट्री करानी शुरू की तो उसे देखकर हर कोई यह कहने से नहीं चूक रहा कि पुष्कर सिंह धामी ने तो युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में बारिश कर रखी है और अपने हाथांे में सरकार के मुखिया से नियुक्ति पत्र पाकर वह गद्गद् नजर आ रहे हैं और उन्हें यह साफ दिखाई देने लगा है कि अब उनकी मेहनत कोई नकलमाफिया नहीं छीन पा रहा है और उन्हें उनकी मेहनत का फल मिल रहा है जिसके चलते उन्हें सरकारी नौकरी मिलती जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति और युवाओं को साथ लेकर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए जिस विजन के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रखे हैं वह साफ बता रहा है कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की इतनी बडी लकीर खींच चुके हैं जिसके बारे में कोई राजनेता सोच भी नहीं पायेगा। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों की बारिश कर युवाओं का विश्वास जीत लिया है और इस विश्वास के सहारे ही लोकसभा की पांचो सीटों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कमल खिलने की शत-प्रतिशत उम्मीद बनी हुई है?
