कप्तान ने लगाया अपराध और हुडदंग पर ब्रेक
चैकिंग के चक्रव्यूह से घबराये अपराधी
सड़कों पर तेज रफ्तार गाड़ियों का नहीं दिख रहा शोर
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। राजधानी के पुलिस कप्तान ने जब पदभार संभाला था तो उनके सामने अपराधियों और हडदंगियों पर नकेल लगाने की एक बडी चुनौती थी क्योंकि उन्हें जब जेल का पुलिस कप्तान बनाया गया तो उस समय राजधानी में ताबड़तोड़ हत्याओं से आवाम भयभीत था। पुलिस कप्तान ने पदभार संभालने के बाद अपराधियों और हुडदंगियों की नाक में नकेल डालने के लिए सबसे पहले चप्पे-चप्पे पर चैकिंग कराने का ऐसा बडा चक्रव्यूह रचा जिससे अपराधी घबरा गये क्योंिक पुलिस कप्तान ने हर उस गली और रास्तों पर नाकेबंदी कर दी थी जहां से अपराधी अपराध करके भाग खडे होते थे। पुलिस कप्तान ने जनपद में अपराध और हुडदंग करने वालों पर अल्प समय में ही इतना बडा ब्रेक लगा दिया जिसे देखकर राजधानी की जनता पुलिस कप्तान की कार्यशैली की कायल हो गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शहर की सडकों पर तेज रफ्तार से चलने वाली गाडियों का जो तंाडव देखने को मिलता था वह तांडव अब राजधानी की सडकों से गायब हो गया है। पुलिस कप्तान का खुला अल्टीमेटम है कि आवाम की सुरक्षा के साथ खिलवाड करने वाला चाहे कोई भी हो वह बच नहीं पायेगा।
राजधानी के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल जनपद के हर इलाके को बाखूबी पहचानते हैं और उन्होंने शहर से लेकर बिहार तक के सारे इलाके देख रखे हैं कि कहां से अपराधी कोई वारदात करके सुरक्षित निकलने में कामयाब होते रहे हैं। पुलिस कप्तान ने अपराधियों और हुडदंगियों पर नकेल लगाने के लिए सबसे पहले हर उस इलाके में सख्ती के साथ चैकिंग अभियान शुरू करा रखा है जहां अपराधी और संदिग्धों के आवागमन का हमेशा अंदेशा बना रहता है। पुलिस कप्तान ने जहां विकासनगर से लेकर ऋषिकेश तक चप्पे-चप्पे पर अपराधियों और हुडदंगियों पर शिकंजा कसने के लिए नाकेबंदी करा रखी है तो वहीं उन्होंने शहर के अन्दर अपराधियों, हुडदंगियों और सड़कों पर तेज रफ्तार से गाडियां चलाकर आवाम को खतरे में डालने वालों पर अपनी बडी रडार लगा रखी है। पुलिस कप्तान की इस रडार से कोई नहीं बच पा रहा है और यही कारण है कि राजधानी के अन्दर जिसने भी पुलिस से आमने-सामने का शूटआउट किया तो वह पुलिस की गोली से घायल हुआ तो वहीं प्रेमनगर पुलिस और इनामी अपराधी अकरम के बीच हुई मुठभेड में जहां प्रेमनगर कोतवाल नरेश राठौर को गोली लगी तो वहीं अकरम की गोली से वो व्यक्ति भी घायल हुआ था जिसके साथ अपराधी ने लूट की वारदात की थी। पुलिस और अकरम के बीच हुई सीधी मुठभेड में अकरम मारा गया था।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने सभी अधिकारियों, कोतवालों और थानेदारों को दो टूक संदेश दे रखा है कि जनपद की पुलिस आम आदमी के लिए मित्र है लेकिन अपराध के शैतानों के लिए वह हमेशा उनका काल ही होनी चाहिए। पुलिस कप्तान की दबंग रणनीति के चलते अपराधियों, माफियाओं और हुडदंगियों में एक बडा खौफ पैदा हो चुका है कि अगर उन्होंने डोबाल के जनपद में कोई अपराध किया तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल को साफ संदेश दिया हुआ है कि जनपद को अपराधमुक्त बनाना उनका पहला मिशन होना चाहिए और यही कारण है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रमेंद्र डोबाल ने शहर के अन्दर देर रात तक चलने वाले क्लबों और बारों को दो टूक अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर उन्होंने तय सीमा के बाद अपने क्लब या पब खोलने का दुसाहस किया तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन किया जायेगा।
