रूद्रप्रयाग/देहरादून(प्रमुख संवाददाता)। रूद्रप्रयाग के गौरीकुंड में भूस्खलन और बाढ में लगभग सत्रह लोगों के लापता हो जाने के कारण मुख्यमंत्री चिंतित नजर आ रहे हैं और लापता लोगों को तलाशने के लिए उन्होंने खुद मोर्चा संभाल रखा है। लापता लोगों की खोज के लिए डीएम व पुलिस कप्तान को सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए आगे किया हुआ है और इस सर्च ऑपरेशन को परखने के लिए आपदा प्रबन्धन सचिव व गढवाल कमीश्नर ने भी मौके का निरीक्षण किया था और कैसे बचाव व राहत कार्य के लिए काम करना है इसके बारे में भी अफसरों को आदेश दिये गये थे। सीएम ने आज डीएम व पुलिस कप्तान को सभी लापता लोगों को खोजने के लिए बडा सर्च ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया तो उसके बाद सुबह से ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व पुलिस बल सर्च ऑपरेशन में जुट गया। वहीं मलबे में दबे तीनों मृतकों की शिनाख्त नेपाली मूल के लोगों के रूप में हुई और आज उनका पोस्टमार्टम कर उनके परिजनों को शव सौंप दिये गये। मुख्यमंत्री ने पुलिस द्वारा चलाये जा रहे सर्च ऑपरेशन की समीक्षा शुरू कर रखी है और यही कारण है कि ऑपरेशन में जुटी टीमें लापता लोगों को खोजने में कोई कसर नहीं छोड रही हैं।
उल्लेखनीय है कि गौरीकुंड में भूस्खलन और बाढ में सत्रह लोग लापता हो गये थे और उनमें तीन लोगों की लाश मिली थी जिनकी शिनाख्त करने के प्रयास किये जा रहे थे और आखिरकार इन शवों की पहचान नेपाल निवासी ग्राम तालापानी के नरेश कामी उर्फ टेक बहादुर, देवी कामी व प्रकाश टम्टा के रूप में हुई जिनका पोस्टमार्टम कराने के बाद आज सुबह उनके परिजनों को उनके शव सौंप दिये गये। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने आज सुबह डीएम व पुलिस कप्तान को लापता लोगों की तलाश में बडा सर्च ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया जिसके बाद लापता लोगों की खोज के लिए कई टीमें मैदान में उतर गई और उनका सर्च ऑपरेशन तेजी के साथ चल रहा था लेकिन इस ऑपरेशन में भी दोपहर तक किसी भी लापता का कोई सुराग नहीं मिला। मुख्यमंत्री के आदेश पर जल पुलिस भी लापता लोगों को खोजने के मिशन में तेजी के साथ जुटी हुई है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि जैसे ही मौसम साफ होगा तो मुख्यमंत्री गौरीकुंड में हुये हादसा स्थल पर पहुंचेंंगे और पीडित परिवारों को दिलासा देंगे कि सरकार उनके साथ खडी हुई है।
