डोईवाला(पवन सिंघल)। हैरानी वाली बात है कि अवैध खनन को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन के अफसर सख्त रूख अपनाये हुये हैं लेकिन इसके बावजूद भी खनन माफिया डोईवाला इलाके में सिस्टम को ललकारते हुए जिस तरह से अवैध खनन का खेल खेल रहे हैं उन पर आखिर कौन नकेल लगायेगा यह अब सबसे बडा सवाल खडा हो रहा है?
उल्लेखनीय है कि सोंग, सुसवा नदी, लालतप्पड़ जाखन नदी में बेखौफ हो अवैध खनन कर खनन माफिया मौज काट रहे है और सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं? अवैध खनन पर सिस्टम के लोगों को अलर्ट रहना चाहिए लेकिन उनकी खामोशी के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन का काला कारोबार कर रहे हैं? सिस्टम के कई लोग खनन माफियाओं का नेटवर्क भेदने के लिए तैनात है लेकिन उसके बावजूद भी वह खनन माफियाओं को सरकार की नदी से अवैध खनन करने के दौरान उन्हें खदेडने के लिए क्यों आगे नहीं आ रहे यह समझ से परे है? इस अवैध खनन से राज्य सरकार को हो रही प्रतिदिन लाखों के राजस्व हानि, तहसील डोईवाला एवं कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत सोंग नदी, सुसवा नदी, लालतप्पड़ जाखन नदी में खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप गाडिय़ों, घोड़ा बुग्गी एवं छोटा बुग्गी में मजदूरों से खनन सामग्री भरवा कर नदियों का सीना चीर लाखों की चांदी काट रहे हैं जिस कारण राज्य सरकार को प्रतिदिन हो रही लाखों के राजस्व की हानि हो रही है? इसके बावजूद खनन माफिया सरकारी आदेशों का माखौल उडाकर नादियों में अवैध खनन कर रहे हैं? हालांकि राजधानी की जिलाधिकारी अवैध खनन को लेकर अकसर नदियों में अपनी टीम के साथ छापेमारी करने के लिए आगे दिखाई देती आ रही हैं और वह बार-बार खनन माफियाओं को सबक सिखाने के लिए मैदान में उतरती हैं लेकिन मौका मिलते ही खनन माफिया अवैध खनन का काला कारोबार शुरू कर देते हैं अब देखने वाली बात है कि अवैध खनन के इस खेल पर कब सिस्टम प्रहार करने के लिए आगे आयेगा?
