देहरादून(संवाददाता)। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में यमुना- मसूरी पेयजल पंपिंग योजना की सम्बंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को सितम्बर माह तक हर हाल में योजना को पूर्ण करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी पेयजल योजना के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री ने अधिकारियों को योजना में हाइडल विभाग का जो पेंडिंग कार्य है जिसकी वजह से पंप चल नहीं पा रहे है, उसे शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री ने कहा सितम्बर माह तक हर हाल में निर्माण कार्य पूर्ण करने के भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर मंत्री ने यूपीसीएल एवं पेयजल के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के तहत मसूरी कैम्पटी के पास क्यारसी गांव में सब स्टेशन के निर्माण संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्य करने के भी निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि पेयजल योजना के लागू होने से मसूरी को पन्द्रह मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) वाटर दिया जा सकेगा।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि जून 2०18 में एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने पेयजल योजना निर्माण की घोषणा की थी, जिसकी स्वीकृति के बाद मार्च 2०19 में पहली किश्त रुपये 1० करोड़ पेयजल विभाग को मिल गए थे। केन्द्र सरकार की 144 करोड़ लागत से निर्मित महत्वाकांक्षी यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना जिसकी पाइपलाइन 18 किमी यमुना से ऊंचाई 1.2 किमी की परियोजना के माध्यम से नब्बे हजार से अधिक की आबादी लाभान्वित होगी।
उन्होंने कहा कि और अगले 3० वर्षो तक मसूरी वासियों की पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी। इस अवसर पर बैठक में महत्वपूर्ण योजना के लिए मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र सरकार और राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मसूरी की पानी की समस्या का निदान हुआ है।
इस अवसर पर बैठक में मुख्य अधिशासी अभियंता पेयजल संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता डी के बंसल, अधीक्षण अभियंता प्रवीण राय, अधीक्षण अभियंता यूपीसीएल राहुल जैन, अधिशासी अभियंता संदीप कश्यप आदि उपस्थित रहे।