प्रधानमंत्री के निर्देश पर लिखी शराब घोटाले की कहानी

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड आम आदमी पार्टी के प्रदेश समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदारी, कटटर देशभक्ति और इंसानियत के सिद्धांतों पर चल कर जिस तरह से सबसे कम समय में राष्ट्रीय पार्टी बनकर मजबूती से आगे बढ़ रही है और उन्होंने कहा कि दरअसल शराब घोटाले नाम की कोई चीज दिल्ली में हुई ही नहीं। उन्होंने कहा कि यह सारी कहानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ में लिखी गयी।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरे देश कि जनता अरविंद केजरीवाल को एक कट्टर ईमानदार नेता के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आये दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, उससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि दिन प्रति दिन धूमिल हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सारे शराब घोटाले की कहानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि पूरी कहानी लिखने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे सीबीआई और ईडी को दे दिया कि अब इस कहानी को साबित करने के लिए झूठे सबूत बनाओ। उन्होंने कहा कि सीबीआई व ईडी ने बहुत मेहनत की, लेकिन झूठ तो आखिर झूठ होता है। उन्होंने कहा कि बीते रोज कल उस झूठ का पर्दाफाश हो गया है. इतना सब होने के बाद भाजपा अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रही है. आम आदमी पार्टी अरविन्द केजरीवाल जी के नेतृत्व में पूरी ईमानदारी के साथ व पूरी जिम्मेदारी के साथ भाजपा के षड्यंत्रों का पर्दाफाश करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह बात सत्ता में बैठे हुक्मरानों को पसंद नहीं आई तो आम आदमी पार्टी की कट्टर ईमानदारी की छवि को दागदार करने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरूपयोग करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा कर तथा न्यायलय के सामने गलत तथ्य पेश करके जमानत नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आज सर्व विदित है कि भाजपा के इस षड्यंत्र का पर्दाफाश कल दिल्ली की एक अदालत ने किया है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों दिल्ली की एक कोर्ट ने शराब घोटाले पर एक आदेश पारित किया है जिसने तथाकथित शराब घोटाले की सच्चाई दुनिया के सामने रख दी है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आरोप लगाया कि शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी वालों ने सौ करोड़ की रिश्वत ली है। उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी ने कोर्ट में खुद ही कहा है कि इसमें से सत्तर करोड़ की रिश्वत का सीबीआई  और ईडी के पास कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी ने कोर्ट में आगे कहा कि बाकी तीस करोड़ रुपये राजेश जोशी नाम का कोई आदमी साउथ से लेकर आया और उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी वालों को दिये। बीते दिनों के अपने ऑर्डर में कोर्ट ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि राजेश जोशी कोई भी पैसा लेकर आया था और तीस करोड़ तो छोड़ो, एक नया पैसा लाने का भी सबूत नहीं है। तो कोर्ट सीधे तौर पर कह रहा है कि ना कोई रिश्वत दी गयी और ना ही ली गयी।  उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी का दूसरा आरोप है कि रिश्वत का सौ करोड़ रुपया गोवा के चुनाव में खर्च हुआ। उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईढी ने पिछले आठ महीनों में गोवा के हमारे सार वैन्डोर्स पर रेड मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई और ईडी के मुताबिक पूरे गोवा चुनाव में हमारी पार्टी ने सिर्फ 19 लाख रुपये कैश खर्च किए। उन्होंने कहा कि बाकी सारी पेमेंट चेक से हुई। क्या इतनी ईमानदार पार्टी दुनिया में मिलेगी जो एक राज्य के चुनाव में सिर्फ 19 लाख रुपये कैश खर्च करती है तो अब सीबीआई और ईडी ने भी सर्टिफिकेट दे दिया कि आम आदमी पार्टी देश की सबसे ईमानदार पार्टी है।  उन्होंने कहा कि तथाकथित शराब घोटाले का यह पूरा का पूरा केस झूठ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ईडी  ने कोर्ट में आरोप लगाया कि मनीष सिसोदिया ने 14 फोन तोड़ दिये। उन्होंने कहा कि बाद में जाँच करने पर पता चला कि सारे फोन मौजूद हैं और इनमें से पाँच फोन तो  सीबीआई और ईडी के कब्जे में हैं। उन्होंने कहा कि ईडी ने अपनी एक चार्जशीट में हमारे राज्यसभा सांसद संजय सिंह का नाम भी डाल दिया।
उन्होंने कहा कि जब संजय सिंह ने ईडी के अफसरों पर मुकदमा करने की धमकी दी तो ईडी ने कोर्ट में कबूला कि “गलती” से संजय सिंह का नाम चार्जशीट में डल गया था। क्या ईडी जैसी कोई एजेंसी गलती से किसी का नाम चार्जशीट में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी गलती हुई तो गलती से किसी बीजेपी के नेता का नाम क्यों नहीं डाला गया और साफ है कि ऊपर से दबाव के चलते संजय सिंह को फँसाने के लिए फर्जी तौर पर नाम डाला गया। क्या ऐसी जाँच पर भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गवाहों को मार पीटकर और मानसिक तौर पर उत्पीडऩ करके गलत बयान पर साइन करवाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम पाँच लोगों ने बयान के कुछ दिन बाद ही ये कहकर बयान वापिस लेने के लिये कोर्ट में अर्जी दी कि उनसे टार्चर करके बयान लिए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से एक व्यक्ति को तो इतना मारा गया कि उसके कान का पर्दा फट गया। उसने ईडी अधिकारियों के खिलाफ हाई कोर्ट में शिकायत भी की है। उन्होंने कहा कि इस से साफ जाहिर है कि इनका मकघ्सद जाँच करना नहीं बल्कि किसी भी तरह से आम आदमी पड़ती के नेताओं को फँसाना है। इस अवसर पर अनेकों आप पदाधिकारी शामिल रहे।

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