मंत्री की फाइटिंग से कटघरे में सरकार!

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ऋषिकेश(संवाददाता)। तीर्थ नगरी में शहरी विकास एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के एक युवक को सड़क पर मारने का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड की धामी सरकार जहां बैकफुट में आ गई है वहीं काबीना मंत्री के पक्ष में माहौल बनाने के लिए भाजपा मंडल ने सड़कों पर उतरकर कांग्रेस पर गुंडों को संरक्षण एवं ओछी राजनीति के आरोप में कांग्रेस का पुतला फूंकने का कार्यक्रम रखा था जिसे अंतिम समय में बारिश के चलते स्थगित कर दिया गया।उधर दूसरी और कांग्रेस ने भी  प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष करन माहरा के निर्देश पर  प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा सरेआम सड़क पर एक आम आदमी के साथ की गई बुरी तरह से मारपीट ओर अभद्रता के विरोध में प्रेमचंद अग्रवाल का पुतला दहन किया।
योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के नाम से विख्यात देवभूमि ऋषिकेश में काबीना मंत्री  की एक युवक के साथ  मारपीट  के घटनाक्रम के बाद प्रदेश में अचानक से हुए ठंडे मौसम के साथ साथ राजनैतिक सरगर्मियां अपने उफान पर हैं।हालांकि मुख्यमंत्री मंत्री धामी द्वारा कल लोकतंत्र पर बदनुमा दाग लगाते घटनाक्रम का संज्ञान लेकर ऋषिकेश विधायक व काबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को तलब कर लिया गया था लेकिन मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कोई एक्शन लेने का साहस दिखा पायेंगे इसपर गहरा संदेह बरकरार है।गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व विधानसभा में बैकडोर भर्ती प्रकरण में भी नगर विकास मंत्री लपेटे में आये थे ।उस दौरान पूरे प्रदेश में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर कई दिनों तक जबरदस्त धरना प्रदर्शन भी किया था।उस वक्त माना जा रहा था कि कैबिनेट मंत्री अग्रवाल की कुर्सी कभी भी जा सकती है लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व के आर्शीवाद के चलते प्रेमचंद अग्रवाल अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।एक बार फिर से उत्तराखंड की धामी सरकार असहज है ,वजह फिर से उत्तराखंड के दूसरे नम्बर के सबसे कद्दावर मंत्री माने जाने वाले शहरी विकास मंत्री ही हैं।दिलचस्प ये भी है सड़क पर युवक से मारपीट के मामले में शहरी विकास मंत्री द्वारा रखे गये अपने पक्ष में घटनाक्रम के लिए शिवाजी नगर निवासी सुरेंद्र सिंह व उसके साथी को दोषी ठहराया गया है।उनके खिलाफ हमले ,गाली गलोच,पैसे छीनने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है।मगर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे घटनाक्रम का वीडियो देखने के बाद हर शख्स के जेहन में बस एक ही सवाल घूम रहा है कि क्या विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामई पद पर रह चुके हैं शहरी विकास मंत्री और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को सड़क के बीचोंबीच  युवक के साथ मारपीट की घटना में खुद शामिल होने से नही बचना चाहिए था।उधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने भी उक्त प्रकरण आ गया है।कहा तो यहां तक जा रहा है कि नगर विकास मंत्री के विरुद्ध एक्शन लिया जा सकता है।

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