देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश में चार धाम यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष रह गये है और वहीं दूसरी ओर कोरोना के बढ़ते प्रभाव व उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम की जटिलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने अलर्ट होते हुए तीर्थयात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इस अवसर उन्होंने जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये है और सभी से एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव डाक्टर आर राजेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि समस्त तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं, उन्होंने बताया कि जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 27०० मीटर से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि उन स्थानों में यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आद्र्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। अत: सभी तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु दिशा निर्देश का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिशा निर्देश से सम्बन्धित आईईसी प्रोटोटाइप पत्र के साथ संलग्न कर प्रेषित किये जा रहे है जिससे विभिन्न माध्यमों से जनजागरूकता हेतु प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान यात्रियों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का अनुपालन किये जाने हेतु प्रोत्साहित एवं जागरूक किया जाये। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1०4 पर कॉल किया जा सकता है तथा यात्रीगणों की सुविधा हेतु इस नम्बर का वृहद रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने यात्रियों को सलाह दी है कि उच्च ऊंचाई बीमारी का कारण बन सकती है और इसके लिए योजना बनाना, तैयारी करना और पैक करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि योजना बनानारू अपनी यात्रा की योजना कम से कम सात दिनों के लिए बनाएं, वातावरण के अनुरूप अनुकूलन के लिए समय दें अनेक ब्रेक की योजना बनाएं ट्रेक के हर एक घंटे बाद या ऑटोमोबाइल चढ़ाई के हर 2 घंटे बाद, 5-1० मिनट का ब्रेक लें और रोजाना 5-1० मिनट के लिए श्वास व्यायाम का अभ्यास करें रोजाना 2०-3० मिनट टहलें यदि यात्री की आयु 55 वर्ष है या वह हृदय रोग, अस्थमा, उच्च रक्तचाप, या मधुमेह से ग्रस्त है, तो यात्रा के लिए फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि गर्म कपड़े ऊनी स्वेटर, थर्मल, पफर जैकेट, दस्ताने, मोजे बारिश से बचाव के यंत्र रेनकोट, छाता, स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर दृ पहले से मौजूद स्थितियों (हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह) वाले यात्रियों के लिए सभी जरूरी दवा, परीक्षण उपकरणों और अपने घर के चिकित्सक का संपर्क नंबर ले जाएं। उन्होंने बताया कि पहले मौसम रिपोर्ट की जांच करें, और सुनिश्चित करें कि आपके पास ठंडे तापमान में प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो यात्रा न करें। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान स्वस्थ सतर्क सफल यात्रा अपनी सुविधा के लिए यात्रा मार्ग के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा रखे गए संचार को देखें, और सभी दिशा निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें। यात्रियों की सेवा के लिए नियोजित निकटतम चिकित्सा इकाई के मानचित्र का संदर्भ लें। चिकित्सा राहत केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल और उत्तराखंड चिकित्सा इकाई की पहचान करने के लिए इमारतों पर स्पष्ट नाम बोर्ड देखें। उन्होंने बताया कि परिवार के किसी भी सदस्य को नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस हो रहा है, तो तुरंत निकटतम चिकित्सा इकाई पर पहुंचें त्वरित जांच आपके जीवन को बचा सकती है।
उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, सांस की तकलीफ (बात करने में कठिनाई), लगातार खांसी, चक्कर आना, भटकाव (चलने में कठिनाई), उल्टी, बर्फीली व ठंडी त्वचा, शरीर के एक तरफ कमजोरी, सुन्नता, उच्च ऊंचाई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। एक मिनट की सावधानी आपका जीवन, बचा सकती है। इन यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। 55 वर्ष की आयु वाले यात्री गर्भवती महिलाएं, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, और मधुमेह के इतिहास वाले यात्री अधिक मोटापे से ग्रस्त, किसी भी असुविधा के मामले में हमारे स्वास्थ्य स्क्रीनिंग केंद्रों अथवा चिकित्सा इकाइयों पर संपर्क करें और अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त कोई भी स्वास्थ्य सम्बंधित आपातकालीन घटना होने पर कृपया हमसे 1०4 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। यात्रा के दौरान शराब, कैफीनयुक्त ड्रिंक्स, नींद की गोलियां और मजबूत ध् शक्तिशाली दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें, धूम्रपान से भी बचें। यात्रा के दौरान कम से कम दो लीटर तरल पदार्थ पीएं और भरपूर पौष्टिक आहार लें।