स्वास्थ्य सचिव ने बनाया स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र

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चमोली/देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने चारधाम यात्रा में यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं चौबीस घंटे मिलती रहें इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव को टास्क दिया हुआ है और उनके इस टास्क को पूरा करने में स्वास्थ्य सचिव कोई कसर नहीं छोड रहे हैं। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि राज्य के स्वास्थ्य सचिव सरकार की उम्मीदों को पंख लगाने के लिए गढवाल से लेकर कुमांऊ के सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए अपनी टीम के साथ मैदान में उतरे हुये हैं। बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं को चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवायें देने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने अपना खाका तैयार किया है और जब वह इस इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को परख रहे थे तो कई किलोमीटर रास्ता अवरूद्व होने के कारण स्वास्थ्य सचिव ने खतरनाक रास्तों पर पैदल ही अपना सफर तय किया और साफ कहा कि सरकार का मिशन है कि तीर्थयात्रा में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को उसके स्वास्थ्य खराब होने पर तत्काल चिकित्सा मुहैया कराई जाये जिसके चलते उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को इतना अभेद कर दिया है कि हर किसी अस्वस्थ यात्री को चिकित्सा उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं होगी।
बद्रीनाथ धाम पहुंचकर स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा/स्थलीय निरीक्षण किया। बद्रीनाथ एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य के लिए विशेष इंतजाम के तहत यात्रियों को स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए तथा यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने बदरीनाथ धाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पड़ाव में पडऩे वाले यात्रा मार्ग में स्थित स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं के स्थलीय निरीक्षण एवं तैयारियों हेतु ,स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार निरीक्षण के लिए वहां दो दिनों तक जनपद चमोली के सुप्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ मैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल रिलीफ पॉइंट का निरीक्षण किया।
सचिव ने सभी केंद्रों पर यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक जीवनदायिनी औषधियों, स्वास्थ्य उपकरण, उच्च हिमालय क्षेत्रों में होने स्वास्थ्य जोखिम को कम करने वाले स्वास्थ्य उपाय व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को यात्रा से पूर्व सुसज्जित करने का मुख्य चिकित्सा अधिकारी निर्देशित किया। जोशीमठ से आगे 38 किलोमीटर की दूरी पर चार धाम यात्रा निर्माण कार्य के कारण मोटर मार्ग अवरोध था। वहां से पैदल मार्ग को पार करके सचिव स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभी कर्मचारियों सहित बद्रीनाथ धाम पहुंचे। वहां पर सर्वप्रथम धाम में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,एवं एमआरपी का उन्होंन स्थिलीय निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग का निर्माणाधीन ट्रांजित हॉस्टल एवं निर्माणाधीन 5० बेड का हॉस्पिटल का निरीक्षण किया निर्माणाधीन ट्रांजिट हॉस्टल के धीमीगति के लिए निर्माण दाई संस्था को तुरंत निर्माण को पूर्ण करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया। बद्रीनाथ धाम एवं सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के पड़ाव में पडऩे वाले पांडुकेश्वर एवं गोविंदघाट में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एमआरपी में भी सचिव के द्वारा सभी स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गोविंदघाट गुरुद्वारा साहिब मैं पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह द्वारा हेमकुंड यात्रा में स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।

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