छावनी में तब्दील हुआ शहीद स्मारक

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराये जाने व पटवारी भर्ती निरस्त करने के साथ बीते रोज गिरफ्तार किये गये उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार सहित 13 बेरोजगारों को बिना शर्त रिहा करने की मांग को लेकर बडी संख्या में युवा बेरोजगार कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचे और वहां पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गये और इस दौरान युवाओं ने विरोध स्वरूप भजन कीर्तन भी किया, वहीं अधिवक्ताओं, आंदोलनकारियों, कांग्रेस विधायक भुवन कापडी सहित अनेकों संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने अपना समर्थन दिया। वहीं शहीद स्मारक को पूरी तरह से छावनी में तब्दील किया गया था। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड बंद का राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में कोई असर नहीं दिखाई दिया। सभी बाजार पूर्व की भांति खुले रहे और यातायात भी सामान्य रूप से प्रतिदिन की भांति यथावत रहा।
यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ से जुड़े तमाम बेरोजगार युवाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराये जाने व पटवारी भर्ती निरस्त करने के साथ बीते रोज गिरफ्तार किये गये उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार सहित 13 बेरोजगारों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की है। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक व सदन में उपनेता भुवन कापडी ने युवाओं के बीच पहुंचकर कहा कि वह उनके साथ है और कल वह शहर से बाहर थे और वह युवाओं के बीच पहुंचे है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रहे है और जिसके कारण पथराव हुआ है। उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों को भी चिन्हित किया जाना चाहिए ओर सकारात्मक दृष्टिकोण से आंदोलन किया जाना चाहिए जिससे सभी को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि वह युवाओं के साथ है और सभी के हित में समझदारी का परिचय देने की जरूरत है और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन किया जायेगा।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के सचिव अनिल शर्मा ने कहा है कि युवाओं को राजनीतिक दल के नेता ढाल बनाकर इस्तेमाल कर रहे है ऐसे में युवा बेरोजगारों को बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों की जांच होनी चाहिए और उन्हें चिन्हित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस ने जिस घटनाक्रम को अंजाम दिया है उन्हें भी इससे बचना चाहिए और आखिर यह सभी प्रदेश के बेरोजगार युवा है। इस अवसर पर महिला मंच की जिला संयोजक निर्मला बिष्ट ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है और इसका मतलब यह नहीं की पुलिस उन पर लाठीचार्ज करें। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारों पर लाठीचार्ज की जितनी निंदा की जाये वह कम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने जो आनन फानन में धारा 144 का निर्णय लिया है और यह भी निंदनीय है।
इस बीच जिलाधिकारी सोनिका, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कामठान, डीआईजी व एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने बेरोजगारों को समझाने का प्रयास किया और उनके अनुरोध पर एक प्रतिनिधिमंडल अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी से मिला। इससे पूर्व आज बेरोजगार युवको की भीड़ को लेकर जिला प्रशासन व राज्य आंदोलनकारियों में तीखी बहस भी हुई। आज मुख्य रूप से जगमोहन सिंह नेगी , पुष्पलता सिलमाना , सुभागा फर्सवान , सुरेश नेगी , सुमित थापा , हरी सिंह मेहर ,सुरेश कुमार , बाल आयोग की पूर्व अध्यक्ष उषा नेगी , महिला मंच की निर्मला बिष्ट सुरेन्द्र सजवाण मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर अनेकों युवा बेरोजगारों के साथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, सचिव अनिल शर्मा, प्रेमचन्द शर्मा, प्रकाश टी पाल, शंभू प्रसाद ममगांई, मनोज ध्यानी, प्रमिला रावत, निर्मला बिष्ट, इन्द्रेश मैखुरी, ऊषा नेगी, जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, इन्दु नौडियाल, समाजसेवी पंडित मनीष गौनियाल, सुरेश नेगी, एस एस पांगती, रामलाल खंडूडी, सुरेश नेगी, विपुल नौटियाल आदि शामिल रहे।

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