बेरोजगारों पर लाठीचार्ज

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और 12 फरवरी को होने वाली पटवारी की भर्ती को निरस्त किये जाने व बेरोजगारों पर नशे में धुत्त पुलिस कर्मचारियों द्वारा बर्बरतापूर्ण अभद्रता करने के विरोध में आज हजारों युवा सड़कों पर उतर गये और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और उन्होंने घंटों राजपुर रोड पर रास्ता जाम कर दिया जिससे वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पडा और राजधानी में चारों ओर वाहन जाम में फंसे रहे और पुलिस ने घंटाघर की ओर आने वाले वाहनों को रोक दिया और उन्हें राजपुर रोड नहीं आने दिया गया और इसके कारण भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। उत्तराखंड बेरोजगार संघ से जुड़े तमाम बेरोजगार युवाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा को निरस्त किये जाने की मांग की और कहा कि जब तक परीक्षा निरस्त नहीं हो जाती तब तक वह जाम नहीं खोलेंगें। इस अवसर पर कई राजनैतिक दलों व आंदोलनकारी संगठनों ने बेरोजगारों को अपना समर्थन दिया। वहीं दोपहर बाद घंटाघर पर जाम लगाने पहुंचे बेरोजगारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर जाम खुलवाया और वाहनों को आने जाने दिया गया। गांधी पार्क के आस पास के व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखा। वहीं दोपहर बाद गांधी पार्क के बाहर राजपुर रोड पर युवाओं ने पथराव किया।
यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार के नेतृत्व में बेरोजगार गांधी पार्क के बाहर इकटठा हुए और बेरोजगारों पर नशे में धुत्त पुलिस कर्मचारियों द्वारा अभद्रता किये जाने के विरोध में व परीक्षा निरस्त किये जाने की मांग को लेकर हजारों युवा सड़कों पर उतर गये और उन्होंने राजपुर रोड गांधी पार्क पर घंटों जाम लगा दिया और जाम लगने से पुलिस के हाथ पांव फुल गये और उन्होंने जाम लगाकर बैठे युवाओं को आनन फानन में समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने और कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता तब तक जाम को खोला नहीं जायेगा। इस अवसर पर बॉबी पंवार ने कहा है कि पुलिस ने जो बीती रात बर्बरता दिखाई है उसकी जितनी निंदा की जाये वह कम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सभी पुलिस कर्मचारी नशे में धुत्त थे। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्वक अपना सत्याग्रह चला रहे थे और पुलिस ने लाठीचार्ज कर जबरन बेरोजगारों को सत्याग्रह से उठाया और मारपीट भी की। उन्होंने कहा कि अब तक की सभी भर्ती घोटालों की सीबीआई से जांच की जानी चाहिए और लगातार बेरोजगार इस मांग को उठा रहे है लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और लोक सेवा आयोग जल्दबाजी में एक बार फिर से पटवारी की भर्ती करना चाह रही है। उनका कहना है कि राज्य के युवाओं का आयोग से भरोसा नहीं रह गया है। उनका कहना है कि सरकार को चाहिए की भर्ती परीक्षा की जांच पूरी होने के बाद ही भर्ती परीक्षाओं को कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जल्द ही परीक्षा को निरस्त नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी।
इस अवसर पर बॉबी पंवार ने कहा है कि नकलरोधी कानून लागू होने के बाद ही राज्य में परीक्षाएं होनी चाहिए और उन्होंने कहा कि इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सरकार जांच कराए और वहीं उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवा बेरोजगारों के सब्र का इम्तिहान न ले और युवा अब जाग चुका है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार, आयोग एवं एसआईटी को हाल ही में कई तथ्य दिये और उसके आधार पर कार्यवाही करने की मांग की है और उन्होंने कहा कि आज जहां सरकार व आयोग जल्दबाजी में पटवारी भर्ती की परीक्षा कराने पर आमादा है और युवा बेरोजगार लगातार उसका विरोध कर रहे है और शीघ्र ही इस भर्ती को निरस्त किया जाये अन्यथा बेरोजगार सड़कों पर उतरने को विवश होंगें। इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश सिंह ने कहा कि लोक सेवा चयन आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से करवाई गई सभी परीक्षाओं में जमकर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि धांधली की वजह से तमाम परीक्षाएं निरस्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस, पटवारी, वन क्षेत्राधिकारी, लोअर पीसीएस, अपर पीसीएस, आरओ, एआरओ, पीसीएस जे, प्रवक्ता एई, जेई की परीक्षाएं दे चुके युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में परीक्षा नियंत्रकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि दोनों ही आयोग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में की जाये। इस अवसर पर अन्य बेरोजगारों ने कहा कि सरकार युवाओं को छलना बंद करें और लाठीचार्ज की जितनी निंदा की जाये वह कम है। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी सोनिका, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बेरोजगार युवाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। दोपहर बाद सभी युवा घंटाघर पहुंचे और वहां पर उन्होंने जाम लगा दिया जिससे चारों तरफ वाहनों की कतारें लग गई और बाद में पुलिस ने वहां पर लाठीचार्ज कर सभी को वहां से तितर बितर कर दिया और वाहनों को आने जाने दिया और यातायात को सुचारू किया। इस अवसर पर जाम लगाने व प्रदर्शन करने वालों में हजारों युवा बेरोजगार मौजूद रहे।

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