दरोगा भर्ती सहित सभी घोटालों की हो सीबीआई से जांच: कांग्रेस

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व चकराता विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रीतम सिंह ने कहा है कि जोशीमठ भू धंसाव पर सरकार की योजनायें आधी अधूरी है और सरकार से की बद्रीनाथ केदारनाथ में विस्थापन की तर्ज पर जोशीमठ वासियों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। 2० दारोगाओं को सस्पेंड करने के सरकार के निर्णय पर उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती चाहे किसी के भी कार्यकाल में हुई हो और इस समूचे प्रकरण की हाई कोर्ट के सिटिंग जज की देख रेख में सीबीआई से जांच की जाये।
यहां विधानसभा में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आज जोशीमठ में जिस प्रकार लगातार भू धंसाव हो रहा है और राज्य सरकार इस ओर ठोस नीति तैयार नहीं कर पा रही है और प्रभावितों को समुचित मुआवजा नहीं मिल जा रहा है जो सरकार की अदूरदर्शिता को दिखाता है और सरकार को इस मामले में बद्रीनाथ की तर्ज पर मुआवजा राशि प्रभावितों को प्रदान की जानी चाहिए और नहीं तो कांग्रेस इसके लिए आंदोलन चलायेगी।
उन्होंने भर्तियों में हो रही धांधली के मामले में सरकार पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि सरकार को चाहिए की वह इस मामले की सीबीआई से जांच कराये लेकिन सरकार इससे बचना चाह रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोक सेवा आयोग द्वारा कराई गई पटवारी भर्ती पर सवाल खड़े किए है और उन्होंने आयोग के अधिकारियो की भूमिका पर भी सवाल उठाए है और अधिकारियों की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पटवारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण के बाद भर्ती घोटालों में संलिप्त उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, ऐसी स्तिथि में आयोग द्वारा प्रस्तावित पीसीएस-मेंस तथा फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षाओं को स्थगित करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने में हो फेल साबित हो रही है और नौकरी देने के बजाए नौकरी बेचने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती घोटाले में नियमित हो चुके दरोगाओं के निलंबन से अब विधानसभा अध्यक्ष का 2०15 से पहले विधानसभा में बैकडोर से भर्ती हुए नियमित कर्मचारियों पर कार्यवाई नही किये जाने का निर्णय सवालों के घेरे में आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार दिग्भ्रमित है, सरकार को अपनी जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है, कभी एसआईटी और कभी एसटीएफ और कभी विजिलेंस जांच करवाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को यूकेएसएसएससी और यूकेपीएससी,विधानसभा भर्ती घोटालों की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराने में किस बात का डर है और सरकार किसे बचाना चाह रही है। इस अवसर पर वार्ता में विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण, राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा आदि शामिल रहे।

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