सरकार की शान बने ‘ईनामदार अफसर’

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पुष्कर की किचन टीम ने छेडी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग
धामी की बेदाग सत्ता से मोदी भी खुश
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है कि जब देश के प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री की बेदाग सत्ता चलाने की शक्ति को भांपकर उन्हें अपना सखा और छोटा भाई मानकर उनके साथ उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए अपने कदम आगे बडा रखे हैं जो उत्तराखण्ड की करोडो जनता के लिए एक सुखद अनुभव दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की किचन टीम मंे ईमानदार अफसरों ने राज्य मंे भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से बडी जंग शुरू कर रखी है और एक के बाद एक भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ उन्हांेने अपने कदम आगे बढा रखे हैं उसी के चलते यह अफसर सरकार की शान बन चुके हैं जो भ्रष्टाचार का नाम सुनते ही क्रोधित हो उठते हैं और उन्होंने सरकार के मुखिया के साथ मिलकर राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त करने का जो बडा हौसला दिखा रखा है उसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री का अब तक का कार्यकाल राज्य के अन्दर जहां शानदार माना जा रहा है वहीं वह बेदाग सत्ता चलाकर देश के प्रधानमंत्री के भी सखा और छोटे भाई बनकर उनकी राह पर आगे बढते जा रहे हैं जो 2024 मंे भाजपा के लिए एक सुखद अनुभव होगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब राज्य के अन्दर सत्ता संभाली थी तो उन्होंने सबसे पहले अपनी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल कर राज्यवासियांे को संदेश दे दिया था कि जहां से सरकार चलनी है वहां ईमानदार अफसरों की तैनाती से उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार और घोटालों से आजादी मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब राज्य के अन्दर सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो उन्होंने राज्य के अन्दर साफ संदेश दे दिया था कि बाइस सालों में राज्य के अन्दर भ्रष्टाचार और घोटाले करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को धारण किया क्योंकि जैसे पीएमओ मंे तैनात अफसर पूरे देश में भ्रष्टाचार और घोटालों पर अपनी निगाह बनाकर रखते हैं और कहीं भी अगर उन्हें कोई अफसर या राजनेता गलत दिशा मंे जाता हुआ दिखाई देता है तो वहां उसका लेखा-जोखा तैयार हो जाता है। मुख्यमंत्री ने अपनी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल कर उन्हें पूरे प्रदेश में विकास के हो रहे कार्यों पर जहां पैनी नजर रखने का आदेश दे रखा है वहीं यह अफसर राज्य के विकास को लेकर बडा खाका तैयार करते हैं और कुछ अफसर ऐसे हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के नाम से ही क्रोध आता है और उनका साफ विजन है कि सरकार को पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ आगे ले जाना है क्योंकि राज्य को आदर्श राज्य बनाने का जो संकल्प प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ले रखा है उस संकल्प को धरातल पर उतारने की उनकी जिम्मेदारी है। उत्तराखण्ड के इतिहास मंे पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि जब सरकार के मुखिया भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को एक के बाद एक बेनकाब कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन चलाये हुये हैं। उत्तराखण्ड के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री में इतना साहस नहीं दिखा कि वह राज्य में आयोगों के द्वारा हो रही भर्तियांे की पारदर्शिता पर भी अपना ध्यान केन्द्रित करते? हालांकि राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि युवा पीढी को एक बडा वचन दे चुके हैं कि राज्य में हुई भर्तियों में जो भी घोटाले हुये थे उन सबको निरस्त करके दुबारा भर्तियां की जायेंगी और इन भर्तियों में भ्रष्टाचार करने वाले हर गुनाहगार को सलाखों के पीछे पहुंचाया जायेगा चाहे वह कितना बडा भी अफसर या सफेदपोश क्यों न हों। मुख्यमंत्री सख्त लहजे में कहते आ रहे हैं कि अगर किसी भी भर्ती में फर्जीवाडे का खेल हुआ है तो वह भर्तियां निरस्त हांेगी और उन्होंने एक बार फिर अपने संकल्प को दोहराते हुए चंद दिन पूर्व लोक सेवा आयोग द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सुनने के बाद उन्होंने जिस तरह से आनन-फानन मंे एसटीएफ को इसकी जांच दी और इस पेपर लीक में लोक सेवा आयोग के कर्मचारी समेत चार लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया वह राज्य के मुख्यमंत्री का ही हौसला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम ने जिस तरह से नकल माफियाओं के लिए सख्त कानून बनाने की ओर अपने कदम आगे बढाते हुए ऐलान किया है कि उन्हें उम्रकैद की सजा होगी तो उससे नकल माफियाओं के मन में एक बडा डर जरूर पैदा हुआ होगा और उसी के चलते राज्यवासियांे ने यह भी कहना शुरू कर दिया है कि राज्य के ईमानदार अफसर पुष्कर सरकार की शान हैं।

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